महोबा में 55 फीट ऊँचे रावण के पुतले को तैयार कर 40 वर्षों से नारी सशक्तिकरण की मिसाल बनीं शकुंतला

✍️By: Nation Now Samachar Desk
महोबा में 55 फीट ऊँचे रावण के पुतले को तैयार कर 40 वर्षों से नारी सशक्तिकरण की मिसाल बनीं शकुंतला

महोबा -बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व पूरे देश में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। महोबा जिले में भी हर साल विशाल रावण के पुतले का दहन कर खुशियाँ मनाई जाती हैं। इस वर्ष 55 फीट ऊँचे रावण के पुतले को सजाने और संवारने का काम पिछले 40 वर्षों से एक महिला शकुंतला कर रही हैं।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए शकुंतला पैसों के लिए नहीं बल्कि बच्चों में खुशियाँ और त्योहार की भावना जगाने के लिए यह कार्य करती हैं। पुतला सजाने-सवारने में उनका सहयोग नंदू उर्फ नंदकिशोर करते हैं। विशाल रावण को तैयार करने में आठ दिन का समय लगा, जिसमें शंकुतला ने अपने कौशल और धैर्य का परिचय दिया।

शकुंतला कहती हैं, “महिलाओं को कभी किसी काम में पीछे नहीं हटना चाहिए। हर परिस्थिति में हिम्मत और लगन के साथ काम करना चाहिए।” उनका यह योगदान न केवल दशहरा के उत्सव को खास बनाता है, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपने योगदान को दिखाने का उदाहरण भी पेश करता है।

महोबा जिला मुख्यालय के डाक बंगला मैदान में यह विशाल रावण बच्चों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। यह पुतला और इसे सजाने वाली शकुंतला की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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