सुल्तानपुर : महिला आरक्षण पर बीजेपी पर संजय सिंह का हमला, “543 सीटों पर तुरंत 33% आरक्षण लागू करें”

✍️Amisha Sachan
महिला आरक्षण पर बीजेपी का दोहरा चरित्र, जनगणना के मुताबिक दीजिए 543 पर 33% महिला आरक्षण : सांसद संजय सिंह

सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर “नौटंकी” बंद कर तुरंत 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए।यह बयान रिपोर्टर आशुतोष मिश्रा के साथ बातचीत के दौरान सामने आया, जिसमें संजय सिंह ने महिला आरक्षण बिल और उसके क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल उठाए।

“तुरंत लागू हो 33% महिला आरक्षण”

संजय सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से महिला आरक्षण बिल के समर्थन में है, लेकिन इसे सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि वास्तविक रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि देश की 543 लोकसभा सीटों में से 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए तुरंत आरक्षित की जाएं।उनका कहना था कि जब पहली बार यह बिल लाया गया था, तब भी आम आदमी पार्टी ने यही मांग रखी थी कि इसे बिना देरी के लागू किया जाए।

जनगणना और डीलिमिटेशन पर सवाल

संजय सिंह ने कहा कि आरक्षण लागू करने से पहले जनगणना (Census) बेहद जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि बिना ताज़ा जनगणना के परिसीमन (Delimitation) करना सही नहीं होगा।उन्होंने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी बदलाव का आधार पुरानी जनगणना नहीं हो सकता। उनका कहना था कि यदि महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, तो उनके प्रतिनिधित्व को उसी अनुपात में बढ़ाया जाना चाहिए।

बीजेपी पर लगाए आरोप

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को उनका पूरा अधिकार देने की बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर टाल रही है।उनका कहना था कि अगर सरकार वास्तव में महिला सशक्तिकरण चाहती है, तो उसे तुरंत 33% आरक्षण लागू करना चाहिए, न कि इसे आगे बढ़ाना चाहिए।

महिला सशक्तिकरण पर बहस

महिला आरक्षण भारत की राजनीति में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह कदम प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर लगातार राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाना चाहती है, तो उसे तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

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