देवरिया उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी एक अवैध मजार पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा जारी नोटिस के बाद की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।रविवार को शुरू हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई में मजार का मेन गेट, बाउंड्री वॉल, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़ दिए गए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है और सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद फिर से बुलडोजर चलाया जाएगा, जिसमें मजार के बेसमेंट की छत और हॉल को ध्वस्त किया जाएगा।

नगर पालिका ने पहले दिया था नोटिस
नगर पालिका प्रशासन की ओर से इस अवैध निर्माण को लेकर शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट कहा गया था कि संबंधित मजार सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई है और यदि स्वयं इसे नहीं हटाया गया, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। तय समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद रविवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। ड्रोन कैमरों और वीडियोग्राफी के जरिए कार्रवाई की निगरानी की गई ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
अवैध दुकानें भी तोड़ी गईं
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मजार परिसर में बनी तीन दुकानें भी पूरी तरह अवैध थीं, जिन्हें ध्वस्तीकरण के दौरान गिरा दिया गया। इन दुकानों से लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, जबकि इनके लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली गई थी।
सोमवार को होगा दूसरा चरण
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सिर्फ ऊपरी ढांचे को गिराया गया है। सोमवार को दूसरे चरण में बेसमेंट की छत और हॉल को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किया जाएगा।
प्रशासन का बयान
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह अवैध अतिक्रमण हटाने के तहत की जा रही है। जिले में जितने भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं, उन सभी के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में चर्चा का विषय
50 साल पुरानी मजार पर हुई इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे देर से उठाया गया कदम बता रहे हैं, तो कुछ प्रशासन की सख्ती की सराहना कर रहे हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
