कल है सावन माह का मासिक दुर्गाष्टमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और देवी मां की पूजा विधि

✍️NNS Desk
कल है सावन माह का मासिक दुर्गाष्टमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और देवी मां की पूजा विधि

सनातन धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. हर माह के शुक्ल अष्टमी तिथि पर मासिक दुर्गाष्टमी व्रत रखने का विधान है. यह व्रत मां दुर्गा की उपासना के लिए समर्पित है. हालांकि सावन माह में शिव जी की नियमित पूजा की जाती है लेकिन इस माह की मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पर विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करें तो उनकी विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. आइए जानें सावन माह में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कब है, शुभ मुहूर्त क्या है और मां दुर्गा की पूजा विधि क्या है.

सावन शुक्ल अष्टमी तिथि की शुरुआत 19 अगस्त 2026 को शाम के समय 07:19 बजे होगी और तिथि का समापन 20 अगस्त 2026 की रात 09:18 बजे होगा. इस तरह उदयातिथि में मासिक दुर्गाष्टमी व्रत 20 अगस्त 2026, गुरुवार के दिन रखा जाएगा.

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:25 बजे से लेकर 05:08 बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:58 बजे से लेकर दोपहर 12:50 बजे तक.
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:55 बजे से लेकर 07:17 बजे तक.

मां दुर्गा की पूजा विधि

➤सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें और साफ कपड़े पहनें,
➤मां दुर्गा का ध्यान कर मन ही मन व्रत का संकल्प कर लें;
➤अब पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़कें;
➤एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें;
➤देवी मां को रोली, अक्षत, सिंदूर, गुड़हुल का फूल अर्पित करें;
➤मां दुर्गा को लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार की सामग्री भी चढ़ा दें;
➤अब माता के सामने घी का दीपक जलाएं;
➤मां दुर्गा को फल, मेवे, हलवा या खीर भोग के रूप में अर्पित करें;
➤मां दुर्गा का ध्यान करें और दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें;
➤मां दु्र्गा के मंत्रों का जाप भी करें;
➤अब मां दुर्गा की आरती कर पूजा को संपन्न करें.

मां दुर्गा के इन दो मंत्रों का करें जाप

मंत्र: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:

इस मंत्र का करें जाप

सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

मां दुर्गा का ध्यान मंत्र –

ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम|
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम॥

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