रूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद मर्चेंट नेवी अफसर का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद कानपुर पहुंचा: बिलखी मां, फूट-फूटकर रोयी बहन

✍️NNS Desk
रूस-यूक्रेन युद्ध में शहीद मर्चेंट नेवी अफसर का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद कानपुर पहुंचा: बिलखी मां, फूट-फूटकर रोयी बहन

रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाले मर्चेंट नेवी चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर 18 दिन बाद कानपुर पहुंचा. यहां शास्त्री नगर स्थित उनके आवास शव पहुंचते ही मां बिलखी, बड़ी बहन फूट-फूटकर रो पड़ी. अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर आस-पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई. परिवार ने सरकार से सागर को शहीद का दर्जा, उचित मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है.

सरकार से शहीद का दर्जा और नौकरी की मांग: सागर गुप्ता के परिवारजनों ने सरकार से मांग की है कि उनके बलिदान को देखते हुए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए. साथ ही परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि भविष्य में परिवार का सहारा बना रहे.

परिजन बोले- 8 को बचाया, फिर शहीद हुए: परिजनों के अनुसार, 18 जुलाई को ब्लैक सी में ड्यूटी के दौरान सागर जिस जहाज पर तैनात थे, उस पर हमला हुआ था. पहले हमले के बाद उन्होंने जहाज पर मौजूद आठ क्रू मेंबर्स को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. इसके बाद वह जहाज को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान दूसरा हमला हुआ, जिसमें वे शहीद हो गए. परिवार को इस घटना की जानकारी 21 जुलाई को सागर के एक मित्र के फोन से मिली थी. इसके बाद से ही परिजन पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे थे.

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