सुल्तानपुर : शहीद अखिलेश शुक्ला को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गांव में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे

✍️By: Nation Now Samachar Desk
सुल्तानपुर : शहीद अखिलेश शुक्ला को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गांव में गूंजे ‘भारत माता की जय’ के नारे

Report आशुतोष मिश्र सुल्तानपुर देश की सेवा करते हुए शहीद हुए सुल्तानपुर जिले के लाल नायक अखिलेश शुक्ला (28) को शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और हजारों लोग अपने वीर सपूत को अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

डोगरा रेजीमेंट के जवानों ने दी सलामी

अखिलेश शुक्ला भारतीय सेना के ईएमई कोर में नायक पद पर तैनात थे और जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम क्षेत्र में सेवाएं दे रहे थे। 28 मार्च को सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में नई दिल्ली के आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उन्होंने अंतिम सांस ली।शुक्रवार को जैसे ही डोगरा रेजीमेंट के जवानों के साथ उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। जवानों ने नम आंखों से अपने साथी को अंतिम विदाई दी और बंदूकों की सलामी देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 11, 2026

गांव में उमड़ा जनसैलाब

कुड़वार विकास खंड के पूरे वैसी मझना अलीगंज गांव निवासी शहीद अखिलेश शुक्ला के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के हजारों लोग पहुंचे। पूरे क्षेत्र में “भारत माता की जय” और “अखिलेश शुक्ला अमर रहे” के नारों से वातावरण गूंज उठा।तिरंगे में लिपटे अपने बेटे को देखकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शहीद की मां सीमा, बहनें प्रियंका और शिवानी लगातार बेसुध होकर रोती रहीं। इकलौते बेटे की शहादत से सेवानिवृत्त सूबेदार पिता राधे कृष्ण शुक्ला पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पिता ने दी मुखाग्नि

करीब दो घंटे तक अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया। गांव से कुछ दूरी पर स्थित बाग में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। सबसे भावुक क्षण वह था जब पिता राधे कृष्ण शुक्ला ने अपने इकलौते बेटे को नम आंखों से मुखाग्नि दी।इस दौरान सेना के अधिकारियों ने भी पूरी सैन्य परंपरा के अनुसार सम्मान दिया। डोगरा रेजीमेंट के कैप्टन आशीष दहिया और सूबेदार प्रशांत कुमार तिवारी ने पार्थिव शरीर को चिता तक पहुंचाया और बाद में तिरंगा एवं वर्दी परिजनों को सौंप दी।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी, सीओ सिटी सौरभ सामंत सहित कई अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी।भाजपा के विधान परिषद सदस्य शैलेंद्र प्रताप सिंह ने शहीद के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि इस क्षति की भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने घोषणा की कि गांव में शहीद स्मारक, शहीद द्वार और घर तक सड़क निर्माण कराया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान को याद रख सकें।

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