Squadron Leader Anuj Vasishth : रोहतक में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का अंतिम संस्कार, मंगेतर की आंखों से बहते रहे आंसू

✍️Amisha Sachan
Squadron Leader Anuj Vasishth : रोहतक में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का अंतिम संस्कार, मंगेतर की आंखों से बहते रहे आंसू

Squadron Leader Anuj Vasishth : हरियाणा के रोहतक जिले के ककराना गांव में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया जब देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ को अंतिम विदाई दी गई। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां हजारों लोगों ने नम आंखों से देश के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ हाल ही में हुए एक विमान हादसे में शहीद हो गए थे। बताया जा रहा है कि उनका SU-30 MKI लड़ाकू विमान अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में देश ने अपने एक बहादुर और कुशल पायलट को खो दिया।

जैसे ही अनुज वशिष्ठ का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव की गलियों में हजारों लोग तिरंगा हाथ में लिए खड़े दिखाई दिए। हर कोई अपने वीर बेटे को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा।

अंतिम संस्कार के दौरान भारतीय वायुसेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “अनुज वशिष्ठ अमर रहें” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। लोगों की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में अपने वीर जवान पर गर्व भी साफ नजर आ रहा था।

इस दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ की मंगेतर वर्दी पहनकर उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने अपने होने वाले जीवनसाथी को अंतिम बार देखा, उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं पाए। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भी इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।

बताया जा रहा है कि अनुज वशिष्ठ के परिवार में इन दिनों शादी की तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था और जल्द ही शादी होने वाली थी। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

परिवार के लोग बताते हैं कि अनुज बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने भारतीय वायुसेना में अपनी जगह बनाई और एक कुशल फाइटर पायलट के रूप में देश की सेवा कर रहे थे।

गांव के लोगों का कहना है कि अनुज वशिष्ठ हमेशा से बेहद विनम्र और मिलनसार स्वभाव के थे। जब भी वह छुट्टी लेकर गांव आते थे तो हर किसी से मिलते और बच्चों को पढ़ाई और देश सेवा के लिए प्रेरित करते थे।उनकी शहादत की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम संस्कार के दौरान आसपास के कई गांवों से भी लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

देश की सेवा करते हुए शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ की बहादुरी और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनकी शहादत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक अपने कर्तव्य के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।आज भले ही अनुज वशिष्ठ इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

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