संतकबीरनगर: तेज रफ्तार कार ने ग्राम प्रधान को रौंदा, मोबाइल पर बात करना बना मौत की वजह

✍️Amisha Sachan
संतकबीरनगर: तेज रफ्तार कार ने ग्राम प्रधान को रौंदा, मोबाइल पर बात करना बना मौत की वजह

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में रविवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में भटपुरवा ग्राम सभा के प्रधान बरकत अली की दर्दनाक मौत हो गई।यह हादसा उस समय हुआ जब वह सड़क किनारे खड़े होकर मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे।

कैसे हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, बरकत अली अपने निजी होटल ‘रिलायंस’ से काम खत्म कर वापस गांव लौट रहे थे। जैसे ही वह खलीलाबाद क्षेत्र में स्थित रैना पेपर मिल के पास पहुंचे, उन्होंने रेलवे क्रॉसिंग पार करने के बाद अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी।वह पूरी तरह किनारे खड़े होकर मोबाइल पर बात कर रहे थे, लेकिन तभी अचानक एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज कि मौके पर ही मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार बेहद तेज थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बरकत अली कई मीटर दूर जा गिरे। उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही खलीलाबाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।सोमवार सुबह पुलिस ने तेजी दिखाते हुए हादसे में शामिल कार को बरामद कर लिया। अब वाहन के आधार पर आरोपी चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इलाके में शोक की लहर

बरकत अली अपने क्षेत्र में एक लोकप्रिय और मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने गांव में कई विकास कार्य भी कराए थे, जिससे लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखते थे।उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही पूरे भटपुरवा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और गांव में मातम का माहौल है।सोमवार सुबह से ही उनके घर और मर्चरी हाउस के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख जताया।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करता है। अक्सर लोग सड़क किनारे खुद को सुरक्षित मानते हैं, लेकिन तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे खड़े होने के दौरान भी पूरी सतर्कता जरूरी है और प्रशासन को भी ऐसे इलाकों में ट्रैफिक नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए।

पुलिस का बयान

पुलिस प्रशासन ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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