Prayagraj Cold Storage Blast: पूर्व मंत्री समेत 12 पर हत्या का केस, अमोनिया टैंक फटने से 4 मजदूरों की मौत

Prayagraj Cold Storage Blast: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। फाफामऊ थाना क्षेत्र में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया टैंक फटने के बाद हुई भयावह दुर्घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए अब कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

मामले में कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी सरकार में पूर्व मंत्री रहे अंसार अहमद समेत कुल 12 लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें मैनेजर उस्मान, असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद, मोहम्मद इरफान और पांच अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। सभी आरोपी फाफामऊ के चंद्रपुर इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

घटना सोमवार को उस समय हुई जब कोल्ड स्टोरेज के भीतर रखे अमोनिया टैंक में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। उस समय अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान चार मजदूरों के शव निकाले गए, जबकि कई अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतकों में तीन मजदूर बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं, जो रोजी-रोटी के लिए प्रयागराज आए थे। हादसे के बाद उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। वहीं घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है।
इस दर्दनाक घटना के बाद कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और उपकरणों के रखरखाव में कमी की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपायों का पालन किया गया होता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी अंसार अहमद सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फाफामऊ थाने में तैनात दारोगा कंबोद सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोल्ड स्टोरेज जैसे स्थानों पर खतरनाक गैसों के उपयोग के कारण उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होती है। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।फिलहाल, पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा। वहीं, पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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