नवरात्रि के छठे दिन ज्वाला देवी मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 24 घंटे खुले रहेंगे कपाट

नवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध मां ज्वाला देवी मंदिर में छठे दिन भक्तों का जनसैलाब देखने को मिल रहा है। दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंच रहे हैं और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना हुआ है।यह मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इसकी खास बात यह है कि यहां देवी की कोई प्रतिमा नहीं है, बल्कि प्राकृतिक रूप से निकलने वाली अखंड ज्योतियों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि ये ज्योतियां सदियों से निरंतर जल रही हैं और देवी शक्ति का प्रतीक हैं। यही कारण है कि यह मंदिर आस्था का एक अनोखा केंद्र बना हुआ है।

नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हो जाती है। छठे दिन से ही मंदिर में लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, जो अष्टमी तक जारी रहती हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इस दौरान मंदिर को 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि भक्त किसी भी समय दर्शन कर सकें।मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

भक्तों का मानना है कि नवरात्रि के दौरान मां ज्वाला देवी के दर्शन करने से विशेष फल प्राप्त होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही वजह है कि न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ज्वाला देवी मंदिर उन शक्तिपीठों में शामिल है, जहां माता सती की जिह्वा गिरी थी। इस कारण इस स्थान का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। यहां जलती हुई ज्योतियां देवी के उसी स्वरूप का प्रतीक मानी जाती हैं।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है और हर तरफ “जय माता दी” के जयकारे गूंज रहे हैं।अगर आप भी इस नवरात्रि मां ज्वाला देवी के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो भीड़ को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करना जरूरी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।कुल मिलाकर, नवरात्रि के छठे दिन मां ज्वाला देवी मंदिर में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि आज भी लोगों की आस्था और श्रद्धा उतनी ही मजबूत है, जितनी सदियों पहले थी।
अध्यात्म से और खबरें

Navratri Special: नव दिन माँ दुर्गा के भोग और उनकी सच्ची कृपा पाने का तरीका
17 मार्च 2026
Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त 2026 को लगेगा सदी का दूसरा सबसे लंबा सूर्य ग्रहण, जानें समय, धार्मिक महत्व और सावधानियां
16 मार्च 2026
राम नवमी 2026: 26 या 27 मार्च? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
15 मार्च 2026