Lucknow Murder Case : पिता पढ़ाई करने का बनाते थे प्रेशर, नाराज बेटे ने टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया

Lucknow Murder Case: लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में सामने आया ‘नीले ड्रम’ कांड पूरे प्रदेश को हिला देने वाला है। एक बेटे द्वारा अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या किए जाने की घटना ने रिश्तों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे और भी चौंकाने वाले हैं।

क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटा अक्षत सिंह ने पहले अपने पिता को गोली मारी और फिर शव के टुकड़े कर उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की। इस सनसनीखेज वारदात के बाद इलाके में दहशत और हैरानी का माहौल है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 20 फरवरी से लापता मानवेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट खुद उनके बेटे अक्षत ने दर्ज कराई थी। पुलिस को शुरू में यह मामला सामान्य गुमशुदगी का लगा, लेकिन जांच के दौरान सच्चाई सामने आ गई।
चार महीने पहले हुई थी जेवर चोरी
पुलिस छानबीन में यह भी खुलासा हुआ कि करीब चार महीने पहले मानवेंद्र सिंह के घर से कीमती गहने चोरी हो गए थे। उस समय मानवेंद्र ने घर में काम करने वाली नौकरानी पर शक जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।हालांकि, बाद में जांच में सामने आया कि नौकरानी ने चोरी नहीं की थी। सूत्रों के अनुसार, गहनों की चोरी में बेटे अक्षत का हाथ था। पिता को जब बेटे की करतूत का अंदेशा हुआ तो उन्होंने परिवार की इज्जत बचाने के लिए अपनी शिकायत वापस ले ली थी।
बेटे की गतिविधियों पर रख रहे थे नजर
इस घटना के बाद मानवेंद्र अपने बेटे की गतिविधियों पर नजर रखने लगे थे। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी की तड़के मानवेंद्र ने अक्षत को पढ़ाई और भविष्य को लेकर समझाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में अक्षत ने खौफनाक कदम उठा लिया।
हत्या के बाद रची साजिश
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में छिपा दिया। फिर खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर शक से बचने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ और तकनीकी जांच में उसकी कहानी में विरोधाभास सामने आ गया।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और घटना में इस्तेमाल हथियार व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस हत्याकांड ने न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है।यह मामला परिवारिक संवाद, मानसिक स्थिति और सामाजिक दबाव जैसे कई पहलुओं पर सोचने को मजबूर करता है। एक पिता, जिसने बेटे की गलती छिपाने के लिए शिकायत तक वापस ले ली, उसी बेटे के हाथों मौत का शिकार हो गया — यह तथ्य लोगों को अंदर तक झकझोर रहा है।
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