Kanpur crime news: कानपुर में नशे का बड़ा भंडाफोड़, 7 महिलाओं समेत 8 गिरफ्तार

✍️Amisha Sachan
Kanpur crime news: कानपुर में नशे का बड़ा भंडाफोड़, 7 महिलाओं समेत 8 गिरफ्तार

कानपुर के सचेंडी इलाके में पुलिस ने एक बड़े नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ‘ऑपरेशन व्हाइट पाउडर’ के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में 7 महिलाओं समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से 3.3 किलोग्राम गांजा और करीब 92 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह अवैध कारोबार पान मसाला और छोटी दुकानों की आड़ में चलाया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो और नशे का यह धंधा आसानी से चलता रहे।

गुप्त सूचना के बाद हुई बड़ी कार्रवाई

पुलिस को पिछले कुछ समय से सचेंडी क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसके बाद एक विशेष टीम गठित की गई और निगरानी बढ़ाई गई। जैसे ही पुख्ता सबूत मिले, पुलिस ने छापेमारी कर पूरे नेटवर्क को एक साथ दबोच लिया।छापेमारी के दौरान कई जगहों पर छिपाकर रखे गए गांजे के पैकेट और नकदी बरामद की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई लोग मौके से भागने की कोशिश करते नजर आए।

7 महिलाओं समेत 8 गिरफ्तार

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि गिरफ्तार आरोपियों में 7 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क महिलाओं को आगे रखकर काम कर रहा था, ताकि शक कम हो और पुलिस की नजरों से बचा जा सके।सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके अन्य सहयोगियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार आसपास के जिलों तक भी जुड़े हो सकते हैं।

पान मसाला दुकानों की आड़ में चल रहा था धंधा

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा नशे का कारोबार पान मसाला और किराने की छोटी दुकानों की आड़ में चलाया जा रहा था। बाहर से ये सामान्य दुकानें लगती थीं, लेकिन अंदर से अवैध नशे का सामान सप्लाई किया जाता था।यह तरीका लंबे समय से अपनाया जा रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को भी काफी समय तक इसकी भनक नहीं लगी। पुलिस अब इन सभी दुकानों की भी विस्तृत जांच कर रही है।

नकदी और सप्लाई चैन की जांच

छापेमारी के दौरान बरामद 92 हजार रुपये नकद इस बात का संकेत देते हैं कि कारोबार में नियमित लेन-देन हो रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क के फाइनेंशियल लिंक और सप्लाई चेन को खंगालने में जुटी हुई है।अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

सिंडिकेट की जांच जारी

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले को एक संगठित अपराध के रूप में देखा जा रहा है। इसलिए जांच को और गहराई से आगे बढ़ाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि इस नेटवर्क को बाहर से कौन सपोर्ट कर रहा था।

उत्तर प्रदेश से और खबरें