कानपुर: डायल 112 का पुलिस सिपाही महिला को बाइक सिखाते हुए वायरल, सोशल मीडिया में नाराज़गी

✍️Amisha Sachan
कानपुर: डायल 112 का पुलिस सिपाही महिला को बाइक सिखाते हुए वायरल, सोशल मीडिया में नाराज़गी

कानपुर से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर तेजी से ध्यान आकर्षित किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि डायल 112 की पुलिस, जो जनता की मदद और आपात स्थिति में सुरक्षा के लिए तैनात है, बाइक पर एक महिला को सिखाते हुए नजर आ रही है। घटना किदवई नगर थाना क्षेत्र के निराला नगर स्थित रेलवे ग्राउंड की बताई जा रही है।

वीडियो में सिपाही महिला को बाइक चलाना सिखाते समय हंसते हुए कहते हैं“एक बार गिरोगी तो सीख जाओगी…”, जो जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोग यह पूछ रहे हैं कि क्या यह डायल 112 की जिम्मेदारी और ड्यूटी का सही इस्तेमाल है।

सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं ने इसे लापरवाही और जनता की सेवा के प्रति असंवेदनशीलता के रूप में देखा है। कई लोग यह भी कह रहे हैं कि डायल 112 का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा करना है, न कि ड्यूटी के दौरान बाइक प्रशिक्षण देना। इस प्रकार के वीडियो से पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों का यह व्यवहार सार्वजनिक विश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं, विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सोशल मीडिया के जमाने में ऐसी घटनाएं तेजी से फैलती हैं और विभाग को तुरंत आधिकारिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से अब तक इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि, संभावित कार्रवाई के तहत विभाग घटना की जांच और जिम्मेदार सिपाही के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठा सकता है।

इस घटना से यह साफ हो गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो न केवल लोगों के ध्यान में आते हैं, बल्कि यह पुलिस विभाग की जवाबदेही और कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हैं। किदवई नगर थाना क्षेत्र में हुई यह घटना नागरिकों के लिए चेतावनी का संदेश भी देती है कि सुरक्षा बलों के कार्य और जिम्मेदारी का दायरा स्पष्ट होना चाहिए।

अगले कुछ दिनों में यह देखने योग्य होगा कि उत्तर प्रदेश पुलिस इस वायरल वीडियो के बाद क्या कदम उठाती है और क्या ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रशिक्षण या निगरानी में सुधार किया जाएगा।यह मामला न केवल कानपुर, बल्कि पूरे प्रदेश में डायल 112 की कार्यप्रणाली और पुलिस की सार्वजनिक छवि पर चर्चा का विषय बन गया है।

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