कानपुर देहात: एमएसएमई मंत्री राकेश सचान का डीएफओ को कड़ा संदेश, “ऐसे काम नहीं चलेगा”

कानपुर देहात। बुधवार को भाजपा सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर कलेक्ट्रेट परिसर माती में आयोजित विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण करते हुए एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने जिला वन अधिकारी (डीएफओ) एके पांडेय को कड़ी हिदायत दी। मंत्री ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उन जगहों पर कहीं भी पेड़ पौधों की स्थिति संतोषजनक नहीं है।

उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम पैसे तो दे ही रहे हैं, आप अपनी सेहत बना रहे हो। इसके साथ ही पेड़ों की भी सेहत ठीक रहनी चाहिए। ऐसे काम नहीं चलेगा।” राकेश सचान ने इस दौरान लगाए गए पौधों के सूखने पर डीएफओ से अपने स्तर पर सुधार करने के साथ ही पौधों को सही तरीके से बनाए रखने की नसीहत दी।
मंत्री ने कहा कि पौधे और पेड़ सिर्फ सजावट नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण और समाज की सेहत के लिए आवश्यक हैं। “पेड़-पौधे सही रहेंगे तभी सब ठीक रहेगा। ऐसे काम नहीं चलेगा।” उनके इस कथन का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय अधिकारियों और वन विभाग की टीमों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पौधारोपण अभियान सिर्फ दिखावा नहीं होना चाहिए। उन्हें पौधों की देखभाल, नियमित पानी देना, कटाई से रोकना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जारी धनराशि का सही उपयोग करना और पौधों की लंबी उम्र सुनिश्चित करना डीएफओ की जिम्मेदारी है।
इस मौके पर मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इतने करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी क्यों पौधे ठीक से विकसित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ पौधों को लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें जीवित रखना और उनके विकास के लिए सतत प्रयास करना भी जरूरी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई बार पौधे लगाए जाते हैं लेकिन पानी, मिट्टी और उचित देखभाल की कमी के कारण वे सूख जाते हैं। मंत्री राकेश सचान ने इसे गंभीर समस्या बताया और कहा कि ऐसे काम जनता और पर्यावरण के हित में नहीं हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि मंत्री का यह कड़ा संदेश पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण अभियान की दिशा में एक स्पष्ट चेतावनी है। इससे विभागीय अधिकारियों में जिम्मेदारी और सजगता बढ़ेगी और भविष्य में पौधारोपण कार्यक्रमों की गुणवत्ता बेहतर होगी।
इस दौरान मंत्री ने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि हर स्टाल, सार्वजनिक स्थल और सड़क किनारे लगाए गए पौधों का नियमित निरीक्षण किया जाए। पौधों की लंबी उम्र और विकास सुनिश्चित करने के लिए जल संचयन, उर्वरक और मिट्टी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, राकेश सचान का संदेश स्पष्ट है – सिर्फ पैसे खर्च करना और पौधों को दिखावे के लिए लगाना पर्याप्त नहीं है। यदि पौधे जीवित और स्वस्थ नहीं रहेंगे, तो पर्यावरण और समाज दोनों का नुकसान होगा। वन विभाग को इस मामले में गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है।यह घटना कानपुर देहात में पर्यावरण और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी साबित हो सकती है। मंत्री के निर्देश और वीडियो के वायरल होने से अधिकारियों और जनता में पौधारोपण और देखभाल के महत्व के प्रति चेतना बढ़ेगी।
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