कानपुर देहात: लेखपाल अविनाश मिश्रा यूपीपीसीएस में चयनित, जेल अधीक्षक बने अविनाश मिश्रा

✍️Amisha Sachan
कानपुर देहात: लेखपाल अविनाश मिश्रा यूपीपीसीएस में चयनित, जेल अधीक्षक बने अविनाश मिश्रा

कानपुर देहात – डेरापुर तहसील में तैनात लेखपाल अविनाश मिश्रा (Kanpur Dehat officer news) ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीसीएस) परीक्षा में सफलता हासिल कर जेल अधीक्षक (Avinash Mishra UPPCS success) के पद पर चयन प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से डेरापुर तहसील स्टाफ और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

डेरापुर तहसील में लेखपाल पद पर तैनात था अविनाश मिश्रा

अविनाश मिश्रा का जन्म जलिहापुर गांव में हुआ। उनके पिता एक सरकारी शिक्षक हैं, जबकि माता गृहणी हैं। उनकी छोटी बहन बाल विकास विभाग, अकबरपुर में कार्यरत हैं।शिक्षा के क्षेत्र में भी अविनाश मिश्रा की यात्रा प्रेरणादायक रही। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर प्राप्त की। हाईस्कूल की पढ़ाई झींझक से पूरी की और इंटरमीडिएट सिठमरा से पूरा किया। इसके बाद उन्होंने गौरीशंकर महाविद्यालय, झींझक से स्नातक और डी.एल.एड. किया, तथा कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

यूपीपीसीएस में सफलता और चयन

अविनाश मिश्रा का चयन वर्ष 2024 में लेखपाल पद पर हुआ था और वर्तमान में वे डेरापुर तहसील में कार्यरत थे। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यूपीपीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की और जेल अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर चयन प्राप्त किया।वे बताते हैं कि बचपन से ही उनका सपना एक बड़ा अधिकारी बनने का था। उन्होंने परिवार, गुरुओं और शिक्षकों को अपनी सफलता का मुख्य श्रेय दिया।

क्षेत्र और तहसील की प्रतिक्रिया

डेरापुर तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अविनाश मिश्रा की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने उन्हें शुभकामनाएं दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।तहसील के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अविनाश मिश्रा की सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयास का परिणाम है, बल्कि यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।”अविनाश मिश्रा की कहानी यह दिखाती है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति को उच्च पद तक पहुंचा सकता है। चाहे आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियां कैसी भी हों, निरंतर प्रयास और आत्म-विश्वास सफलता की कुंजी हैं।

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