कानपुर देहात :“जनसुनवाई में सख्त दिखे डीएम कपिल सिंह, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

कानपुर देहात में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में जिलाधिकारी Kapil Singh ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिले भर से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।

जनसुनवाई में विभिन्न तहसीलों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी-अपनी शिकायतें प्रस्तुत कीं। इनमें राजस्व, पुलिस, विकास कार्य, सामाजिक योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने हर शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।जिलाधिकारी कपिल सिंह ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता और प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्राप्त प्रार्थना पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाए और तय समय-सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। यह सख्ती प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने और जनता के विश्वास को कायम रखने के उद्देश्य से की गई है।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण की प्रगति से अवगत कराने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर आवेदक को समय-समय पर उसकी शिकायत की स्थिति की जानकारी दी जाए। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आमजन का भरोसा भी प्रशासन पर मजबूत होगा।जनसुनवाई के दौरान शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें और यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों तक योजनाओं का पूरा लाभ समय पर पहुंचे।
विशेष रूप से उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल (Integrated Grievance Redressal System) की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होना चाहिए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सके।
जिलाधिकारी का यह कदम प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि जनता को भी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद मंच मिलेगा।कुल मिलाकर, यह जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास है। यदि दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जाता है, तो निश्चित रूप से जिले में शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी।
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