कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण ने कार्यक्रम बीच में छोड़ा, जिला प्रशासन की लापरवाही से नाराज

✍️Amisha Sachan
कन्नौज में राज्य मंत्री असीम अरुण ने कार्यक्रम बीच में छोड़ा, जिला प्रशासन की लापरवाही से नाराज

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में जिला प्रशासन की लापरवाही ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) समाज कल्याण, असीम अरुण को नाराज कर दिया। मंत्री ने बुधवार को रोमा स्मारक में आयोजित ‘अपनी जड़ों को खोजें’ थीम पर कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मुख्य आयोजकों और वरिष्ठ अधिकारियों के समय पर न पहुंचने के कारण मंत्री ने यह कदम उठाया।

जानकारी के अनुसार, पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में असीम अरुण को मुख्य अतिथि के रूप में शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। मंत्री समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आयोजन में शामिल होने की तैयारी की।हालांकि, कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए। एसडीएम वैशाली मंत्री के पहुंचने के लगभग 15 मिनट बाद ही कार्यक्रम स्थल पर आईं, जबकि अन्य कई अधिकारियों का कोई पता नहीं था। इस कारण मंत्री को लगभग 45 मिनट तक कार्यक्रम शुरू होने के लिए इंतजार करना पड़ा। इस दौरान मंच से बार-बार यह घोषणा की जाती रही कि कार्यक्रम मंत्री के आगमन के बाद शुरू होगा।

करीब 45 मिनट इंतजार करने के बावजूद जब जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे, तो असीम अरुण ने इसे अपना अनादर मानते हुए कार्यक्रम छोड़ दिया। उनके साथ भाजपा के अन्य नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम स्थल से बाहर चले गए।

मंत्री असीम अरुण ने इसके बाद जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। पत्र में उन्होंने लिखा कि रोमा स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में समय का पालन नहीं किया गया और यह शिष्टाचार के विपरीत रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में समय पर आमंत्रित किया गया था और वे समय पर पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की देरी और कार्यक्रम की अव्यवस्था ने उन्हें असहज कर दिया।

पत्र में मंत्री ने यह भी कहा कि कार्यक्रम की मुख्य आयोजक एसडीएम वैशाली उनके पहुंचने के 15 मिनट बाद आईं और एडीएम का आगमन भी देर से हुआ। इस दौरान स्पष्ट नहीं था कि अन्य अधिकारी कब तक कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। इस कारण उनके पास कार्यक्रम छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

असीम अरुण ने पत्र में यह भी कहा कि अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो समय की पाबंदी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपेक्षा जताई कि भविष्य में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में समय की गरिमा बनाए रखी जाएगी और इस तरह की अव्यवस्था दोबारा नहीं होगी।

इस घटना ने कन्नौज जिले में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि अधिकारी समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर प्रशासनिक कार्य में अनुशासन और समय की पाबंदी सुनिश्चित करें।

असीम अरुण की नाराजगी और कार्यक्रम बीच में छोड़ने की घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोगों ने इसे अधिकारियों के कार्यशैली और समयपालन की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करने वाला उदाहरण बताया है।

कुल मिलाकर यह घटना यह संदेश देती है कि प्रशासनिक कार्यों में समय की पाबंदी और आयोजनों में अनुशासन बनाए रखना न केवल अधिकारियों का कर्तव्य है, बल्कि इससे सार्वजनिक और राजनीतिक विश्वास भी मजबूत होता है।

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