झांसी-शिवपुरी हाईवे बना ‘मौत का गलियारा’? 100 मीटर तक बिखरे शव, NHAI पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्टर एहसान अली झांसी: विकास की रफ्तार का प्रतीक माने जाने वाले नेशनल हाईवे अब कई बार जानलेवा साबित हो रहे हैं। शनिवार सुबह झांसी-शिवपुरी हाईवे पर एक ऐसी वीभत्स घटना सामने आई, जिसने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया बल्कि हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रक्सा थाना क्षेत्र के डेली गांव, भव्या गार्डन के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क पर इस कदर कुचला गया कि उसके अवशेष करीब 100 मीटर तक हाईवे पर बिखर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना रात के समय हुई होगी, लेकिन सुबह तक किसी को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस हाईवे पर 24 घंटे पेट्रोलिंग और निगरानी के दावे किए जाते हैं, वहां घंटों तक शव वाहनों के नीचे कुचलता रहा और कोई भी जिम्मेदार एजेंसी समय पर मौके पर नहीं पहुंची। सुबह करीब 7 बजे राहगीरों ने सड़क पर बिखरे अवशेष देखे, तब जाकर पुलिस को सूचना दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि शव के ऊपर से कम से कम 100 भारी वाहन गुजर चुके थे, जिससे मृतक की पहचान करना लगभग असंभव हो गया है। यह घटना न केवल दर्दनाक है, बल्कि हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर करती है।इस मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सुरक्षा मानक केवल कागजों तक सीमित हैं और टोल वसूली के अलावा यात्रियों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
महेश कश्यप ने कहा, “आज डेली गांव में जो हुआ वह बेहद दिल दहला देने वाला है। आखिर वह व्यक्ति भी किसी का बेटा या बेटी रहा होगा, जिसका परिवार उसका इंतजार कर रहा होगा। लेकिन हमारी व्यवस्था की संवेदनहीनता ने उसे सड़क पर इस हालत में छोड़ दिया।”घटना की सूचना मिलने के बाद रक्सा थाना प्रभारी रूपेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना रात के समय की प्रतीत होती है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि टक्कर मारने वाले वाहन और मृतक की पहचान की जा सके।
पुलिस ने शव के अवशेषों को एकत्र कर पंचनामा भरने के बाद मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। साथ ही, आसपास के थानों और जिलों में भी सूचना भेजी जा रही है, ताकि मृतक की पहचान हो सके।यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारे हाईवे वास्तव में सुरक्षित हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग, बेहतर निगरानी प्रणाली और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है।झांसी-शिवपुरी हाईवे की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जा सकते हैं।
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