इटावा सफारी के सिंबा-सुल्तान के लिए दुल्हन की तलाश पूरी! सुधा शेरनी बनेगी दुल्हनिया

✍️Amisha Sachan
इटावा सफारी के सिंबा-सुल्तान के लिए दुल्हन की तलाश पूरी! सुधा शेरनी बनेगी दुल्हनिया; रोहतक और गुजरात जू से होगा 'रिश्ता

इटावा से जितेन्द्र सिंह की रिपोर्ट  उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित इटावा लायन सफारी पार्क अपने एशियाई शेरों के बड़े आशियाने के रूप में जाना जाता है। इस सफारी का प्रमुख आकर्षण है शेर शिंबा और सुल्तान, जो अक्टूबर 2016 में नर शेर मनन और शेरनी जेसिका के मिलन के बाद जन्मे थे। अब ये दोनों शेर साढ़े नौ साल के हो चुके हैं और अपने ताकतवर और आकर्षक स्वरूप के कारण पर्यटकों की नज़रें इन पर टिक जाती हैं।

हालांकि, शिंबा और सुल्तान की प्रजनन क्षमता को लेकर एक समस्या सामने आई है। सफारी में मौजूद मादा शेरनियां इनकी सगी बहनें हैं, इसलिए इनके साथ प्रजनन संभव नहीं है। इस चुनौती को देखते हुए, प्रशासन ने बाहरी शेरनी लाने का निर्णय लिया है, ताकि शेरों का जीन-पूल बढ़ाया जा सके और नई पीढ़ी तैयार हो सके।इस दिशा में रोहतक प्राणि उद्यान की शेरनी ‘सुधा’ को इटावा लाने की योजना बनाई गई है। इसके बदले इटावा सफारी से वर्ष 2022 में जन्मे नर शेर ‘विश्वा’ को रोहतक भेजा जाएगा। इस अदला-बदली से दोनों स्थानों पर शेरों की genetic diversity यानी जीन-पूल में सुधार होगा और भविष्य में शेरों की स्वस्थ और मजबूत पीढ़ी सुनिश्चित होगी।

— NATION NOW समाचार (@nnstvlive) April 5, 2026

सफारी प्रशासन का कहना है कि सुधा के आगमन के बाद शिंबा और सुल्तान की जोड़ी बन जाएगी और जल्द ही इटावा लायन सफारी में नई पीढ़ी की दहाड़ गूंजेगी। इसके साथ ही यह कदम शेरों के संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रमों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।शिंबा और सुल्तान, जो अब पर्यटकों के प्रिय बन चुके हैं, अपनी नई जोड़ी के आने के बाद सफारी में और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेंगे। प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं ताकि शेरनी सुधा का स्थानांतरण और उनकी समायोजन सुरक्षित तरीके से हो सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि शेरों की genetic diversity को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल प्रजनन प्रक्रिया में सुधार होता है, बल्कि शेरों की स्वास्थ्य और जीवन प्रत्याशा में भी वृद्धि होती है। इटावा लायन सफारी का यह प्रयास स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर शेर संरक्षण में योगदान देगा।अंततः, शिंबा और सुल्तान के लिए नई शेरनी सुधा की तलाश और उनके साथ जीन-पूल का सुधार एक सकारात्मक पहल है। यह न केवल सफारी के पर्यटक आकर्षण को बढ़ाएगा, बल्कि एशियाई शेरों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रयासों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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