ट्रेन में अब मिलेगा सेफ खाना! IRCTC की नई QR कोड सुविधा से तुरंत चेक करें फूड की पूरी डिटेल

भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए खाना हमेशा एक चिंता का विषय रहा है। अक्सर यात्रियों को खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और असली वेंडर की पहचान को लेकर शिकायतें रहती थीं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए IRCTC ने एक नई और स्मार्ट पहल शुरू की है—QR कोड आधारित फूड ट्रैकिंग सिस्टम।यह सुविधा न केवल यात्रियों को पारदर्शिता देगी, बल्कि रेलवे में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएगी।

क्या है QR कोड फूड सिस्टम?
नई व्यवस्था के तहत अब ट्रेन में मिलने वाले हर फूड पैकेट और वेंडर के आईडी कार्ड पर एक QR कोड लगाया जाएगा। यात्री इस QR कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके तुरंत खाने से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।इसमें शामिल होंगी
- खाना कब बना
- पैकिंग की तारीख और समय
- खाना किस किचन में तैयार हुआ
- वेंडर की पहचान
- मेडिकल फिटनेस स्टेटस
- पुलिस वेरिफिकेशन जानकारी
यात्रियों को खाने की विश्वसनीयता को लेकर कोई संदेह नहीं रहेगा।
यात्रियों को क्या होंगे फायदे?
1. पारदर्शिता में बढ़ोतरी
अब यात्री खुद जांच कर सकते हैं कि जो खाना उन्हें दिया जा रहा है, वह ताजा और सुरक्षित है या नहीं।
2. फर्जी वेंडरों पर रोक
कई बार ट्रेन में बिना अनुमति के वेंडर खाना बेचते हैं। QR कोड सिस्टम से ऐसे अवैध विक्रेताओं की पहचान आसान हो जाएगी।
3. सुरक्षित और हेल्दी भोजन
खाने की पूरी जानकारी मिलने से यात्रियों को साफ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा, जिससे स्वास्थ्य जोखिम कम होंगे।
4. शिकायत करना आसान
अगर खाने में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो QR डेटा के आधार पर तुरंत शिकायत दर्ज कर कार्रवाई संभव होगी।
बेस किचन में भी होगा सुधार
केवल QR कोड ही नहीं, IRCTC ने बेस किचन की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया है। अब हर बेस किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे।इनकी जिम्मेदारियां होंगी साफ-सफाई की निगरानी खाना बनाने की प्रक्रिया पर नजरहाइजीन मानकों का पालन स्टाफ की नियमित जांच इससे किचन स्तर पर ही गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे यात्रियों तक बेहतर खाना पहुंचेगा।
डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम
यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूत करती है। QR कोड जैसी तकनीक का उपयोग करके रेलवे ने पारंपरिक सिस्टम को आधुनिक और स्मार्ट बना दिया है। इससे डेटा ट्रैकिंग आसान होगी जवाबदेही तय होगी सिस्टम में पारदर्शिता आएगी
यात्रियों की शिकायतों का समाधान
रेलवे को हर साल हजारों शिकायतें मिलती हैं, जिनमें ज्यादातर शिकायतें खाने की गुणवत्ता से जुड़ी होती हैं। इस नई व्यवस्था से इन शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।क्योंकि अब हर फूड आइटम ट्रैक किया जा सकेगा जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होगी तुरंत कार्रवाई संभव होगी
क्या यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है?
QR कोड सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें दी गई जानकारी प्रमाणित और सुरक्षित रहे। इससे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना कम हो जाती है।साथ ही, यह सिस्टम रेलवे के केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ा रहेगा, जिससे जानकारी हमेशा अपडेटेड रहेगी।
भविष्य में क्या हो सकता है बदलाव?
IRCTC की यह पहल भविष्य में और भी सुविधाओं का रास्ता खोल सकती है, जैसे:
- ऑनलाइन फूड रेटिंग सिस्टम
- लाइव किचन ट्रैकिंग
- AI आधारित क्वालिटी चेक
- यात्रियों के फीडबैक का रियल टाइम विश्लेषण
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