IAF pilot death Assam: असम में IAF का Sukhoi Su-30MKI जेट क्रैश, हादसे में दोनों पायलटों की मौत

IAF pilot death Assam: असम के करबी आंगलोंग जिले में सुखोई Su-30 फाइटर जेट के क्रैश होने से 28 वर्षीय भारतीय वायुसेना (IAF) पायलट पूर्वेश की मौत की खबर ने पूरे परिवार और देश को शोक में डुबो दिया। देश सेवा के लिए समर्पित इस युवा पायलट की अचानक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार का दुख
पूर्वेश के पिता ने बेटे के जाने का गम जताते हुए कहा, “बेटा हमसे दूर चला गया…” और भावुक होकर फफक पड़े। उन्होंने बताया कि पूर्वेश देश के प्रति बेहद समर्पित था और वायुसेना की वर्दी पहनकर वह गर्व महसूस करता था। मात्र चार साल के करियर में उसने देश की सेवा में अपनी जान दे दी।

परिवार का कहना है कि पूर्वेश बचपन से ही वायुसेना में शामिल होने का सपना देखता था। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उसने कठोर प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उसके समर्पण और मेहनत ने उसे सशस्त्र बलों का सम्मानित पायलट बना दिया।
सुखोई Su-30 क्रैश की जानकारी
स्थानीय प्रशासन और वायुसेना अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसा करबी आंगलोंग जिले में हुआ। सुखोई Su-30 फाइटर जेट तकनीकी कारणों या उड़ान के दौरान किसी समस्या के चलते नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया। वायुसेना द्वारा घटनास्थल पर तुरंत राहत और जांच दल भेजा गया है।वायुसेना सूत्रों का कहना है कि क्रैश की वजह का पता लगाने के लिए विशेष जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी टीम, पायलट के रिकॉर्ड और जेट की तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आएगी।
देश के प्रति समर्पण और सम्मान
पूर्वेश ने अपनी अल्पायु में ही देश सेवा का मार्ग चुना और वायुसेना की वर्दी में देश की रक्षा के लिए तैयार रहा। इस शहादत ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।पूर्वेश की वीरगाथा यह दर्शाती है कि भारतीय वायुसेना के पायलट केवल तकनीकी विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपनी जान देने को भी तैयार रहते हैं।
शोक और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस हादसे की खबर मिलते ही केंद्रीय रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना ने परिवार से संपर्क किया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी परिवार से मिलकर शोक व्यक्त किया और देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा को सम्मानित किया।पूर्वेश की मौत केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके साहस और कर्तव्यपरायणता की मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
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