रात 12:30 बजे जली होलिका! चंद्रग्रहण के सूतक के कारण आज नहीं, बुधवार को खेला जाएगा रंग

✍️Amisha Sachan
रात 12:30 बजे जली होलिका! चंद्रग्रहण के सूतक के कारण आज नहीं, बुधवार को खेला जाएगा रंग

कानपुर। रंगों के पर्व होली से एक दिन पहले सोमवार देर रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। रात करीब 12:30 बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में विधि-विधान से होलिका में अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। लोग परिवार सहित गन्ना, गेहूं की बालियां और जौ लेकर पहुंचे तथा पूजन-अर्चन के बाद होलिका की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।चंद्रग्रहण के सूतक काल के चलते इस बार मंगलवार को रंग नहीं खेला जाएगा, जबकि बुधवार को रंगोत्सव मनाया जाएगा

आर्यनगर में देर रात तक चला पूजन

कानपुर के आर्यनगर क्षेत्र में होलिका दहन के बाद देर रात तक पूजन का सिलसिला चलता रहा। परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचे। गुजिया और पूरी का प्रसाद चढ़ाया गया। सैकड़ों लोग गन्ना लेकर एक साथ होलिका की परिक्रमा करते नजर आए। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। पूरा इलाका रंगों की आभा से सराबोर दिखा।

शिवाला में भक्ति गीतों की प्रस्तुति

शिवाला क्षेत्र में होलिका दहन से पहले खाटू श्याम के भक्ति गीतों का आयोजन किया गया। श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए। शुभ मुहूर्त होते ही विधिवत होलिका दहन किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर झांकियां सजाई गईं और भजन-संगीत कार्यक्रम आयोजित हुए।

नौबस्ता में उमड़ा जनसैलाब

कानपुर साउथ के नौबस्ता इलाके में भी सैकड़ों लोग एकत्र हुए। पूजन-अर्चन के बाद परिवारों ने खुशहाली की कामना की। दहन के बाद बच्चों और बड़ों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी। हवा में उड़ते गुलाल से पूरा इलाका रंगमय हो गया।

प्रशासन रहा अलर्ट

होलिका दहन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की गई। परेड सहित प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात तक लोग होली के गीतों पर नाचते-गाते रहे।

क्यों बुधवार को खेली जाएगी होली?

इस वर्ष बने दुर्लभ संयोग और चंद्रग्रहण के सूतक काल के कारण परंपरानुसार मंगलवार को रंग खेलने से परहेज किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसलिए शहर में बुधवार को रंगोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

कानपुर नगर से और खबरें