“पत्थरों को छोड़ो, मोदी-योगी को पूजो” – हरदोई में BJP विधायक के बयान से मचा सियासी बवाल

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्याम प्रकाश के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला?
हरदोई के गांधी मैदान में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं, जिनमें मिश्रिख से सांसद अशोक रावत भी शामिल थे।कार्यक्रम के दौरान जब विधायक श्याम प्रकाश मंच पर आए, तो उन्होंने अपने संबोधन में एक ऐसा बयान दे दिया जिसने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि “पत्थरों को पूजना छोड़िए और आज के असली भगवान मोदी और योगी हैं, उनकी पूजा शुरू करिए।”
बयान से क्यों बढ़ा विवाद?
श्याम प्रकाश ने अपने भाषण में आगे कहा कि निर्जीव पत्थरों के आगे झुकने से कुछ हासिल नहीं होता और आज के समय में जो नेतृत्व विकास कर रहा है, वही असली सम्मान का हकदार है। उन्होंने नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को “आज के भगवान” बताते हुए लोगों से उन्हें पूजने की अपील कर दी।इस बयान के सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए। कई लोग आपस में चर्चा करने लगे और माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया। मंच पर मौजूद अन्य बीजेपी नेता भी इस बयान से असहज नजर आए।
बयान पर सफाई
हालांकि, बयान के तुरंत बाद श्याम प्रकाश को अपनी बात का असर समझ में आया और उन्होंने सफाई देते हुए इसे अपना निजी विचार बताया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद लोगों को अंधविश्वास और पाखंड से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।उन्होंने यह भी कहा कि समाज के कई लोग आज भी कर्मकांडों में उलझे रहते हैं, जबकि उन्हें विकास और प्रगतिशील सोच की ओर बढ़ना चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
श्याम प्रकाश का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर आलोचना की, तो वहीं कुछ समर्थकों ने इसे “विकासवादी सोच” करार दिया।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान अक्सर जनभावनाओं को प्रभावित करते हैं और विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका देते हैं।
सियासी मायने क्या हैं?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और आस्था का मुद्दा हमेशा संवेदनशील रहा है। ऐसे में किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बयान देना राजनीतिक रूप से बड़ा असर डाल सकता है।श्याम प्रकाश का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और सभी दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
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