फोर्ब्स 2026 लिस्ट: भारत में 24 नए अरबपति, लक्ष्मी मित्तल और उदय कोटक ने बनाया असर

✍️Amisha Sachan
फोर्ब्स 2026- भारत में एक साल में 24 अरबपति बढ़े

फोर्ब्स ने हाल ही में Forbes 2026 वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट जारी की, जिसमें यह सामने आया कि भारत में पिछले एक साल के दौरान 24 नए अरबपति शामिल हुए। इससे देश में अरबपतियों की कुल संख्या बढ़कर 229 हो गई, जो आर्थिक वृद्धि और निवेश में बढ़ते अवसरों का संकेत है।इस साल की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति Lakshmi Mittal की संपत्ति में सबसे तेज उछाल देखा गया। इसके पीछे वैश्विक स्टील और मेटल मार्केट में सुधार और उनके व्यवसायिक निवेशों का बड़ा योगदान रहा।

देश के तीसरे नंबर पर Savitri Jindal का नाम शामिल है। ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल ने अपने उद्योगिक योगदान और विभिन्न सेक्टर में विस्तार के कारण अपनी संपत्ति में लगातार वृद्धि दर्ज की।इस साल की खास बात यह रही कि Uday Kotak टॉप-10 अरबपतियों में शामिल हुए। कोटक महिंद्रा बैंक के फाउंडर ने वित्तीय और बैंकिंग सेक्टर में अपनी सफलता के दम पर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई।

फोर्ब्स रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत के अरबपति कई अलग-अलग सेक्टर्स में फैले हुए हैं। टेक्नोलॉजी, स्टील, बैंकिंग, रियल एस्टेट और निवेश जैसे क्षेत्रों में उनकी संपत्ति तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही यह स्पष्ट होता है कि भारत में उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम भी लगातार मजबूती हासिल कर रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि अरबपतियों की संख्या में यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। पिछले साल की तुलना में 24 नए अरबपतियों का जुड़ना यह संकेत है कि भारतीय व्यवसायी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

फोर्ब्स 2026 की लिस्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन अरबपतियों की संपत्ति और निवेश रणनीतियों में विविधता है। कुछ ने रियल एस्टेट और स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ाया है, जबकि कुछ ने स्टील, बैंकिंग और मेटल इंडस्ट्री में अपनी पकड़ मजबूत की है।

लक्ष्मी मित्तल और सावित्री जिंदल जैसे नाम भारतीय उद्योग जगत में लंबे समय से प्रभावशाली बने हुए हैं। उनकी संपत्ति में इस साल की तेजी से वृद्धि ने यह दिखाया कि वैश्विक बाजार में भारतीय उद्यमियों का दखल बढ़ रहा है।

वहीं उदय कोटक का टॉप-10 में शामिल होना यह संकेत है कि बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भारतीय उद्योगपतियों की प्रतिष्ठा और संपत्ति तेजी से बढ़ रही है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, उनका योगदान न केवल बैंकिंग सेक्टर में है बल्कि वित्तीय सेवाओं और निवेश के नए अवसर भी उन्होंने पैदा किए हैं।

इस रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि भारत में धन के केंद्रीकरण के साथ-साथ नई पीढ़ी के उद्यमियों की भी पहचान बढ़ रही है। यह आर्थिक विकास के साथ ही ग्लोबल मार्केट में भारतीय उद्यमियों की मौजूदगी का प्रमाण है।

फोर्ब्स 2026 की वर्ल्ड बिलियनेयर्स लिस्ट ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय उद्योग और निवेश के अवसरों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। आने वाले वर्षों में यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है, जिससे भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में और मजबूती के साथ उभर सकता है।

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