विपक्ष ने पहली बार सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला, SIR-ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल

✍️NNS Desk
विपक्ष ने पहली बार सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला, SIR-ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दाखिल

SIR में गड़बड़ी के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव,तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता हैं. इसमें चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पार्टी बनाया गया है.

इससे पहले विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. यह पहली बार है जब विपक्षी नेताओं ने किसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. करीब एक किमी लंबे मार्च में विपक्ष के नेता बस में, पैदल और वाहन में सवार हुए.

मार्च के पहले राहुल गांधी ने 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है.

रविवार को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया था और याचिका दाखिल करने के लिए कहा था.

वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका और सौरव दास ने सोमवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने की मांग की है. CJP ने अल्टीमेटम दिया है कि दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख दे, ऐसा नहीं होने पर सीजेपी एक बार फिर प्रदर्शन का आह्वान करेगी. 

INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए हैं. DMRC के मुताबिक, इन स्टेशनों में पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंभा रोड शामिल है.

दायर की SIR रद्द करने की याचिका: राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सुप्रीम कोर्ट से बाहर निकल गए हैं. दोनों नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर से रवाना हो गए. इससे पहले राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. उनके साथ अभिषेक मनु सिंघवी भी मौजूद थे. इस बीच राहुल गांधी की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होकर आधिकारिक रूप से रजिस्टर हो गई है. याचिका में SIR कराने के फैसले को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है. साथ ही, याचिका में SIR की प्रक्रिया को ECI की ओर से शक्तियों के गलत इस्तेमाल के तौर पर देखते हुए इसकी कानूनी वैधता पर विचार करने की मांग की गई है.

SIR को रद्द करने की मांग: सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में SIR कराने के फैसले को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है. साथ ही, याचिका में SIR की प्रक्रिया को ECI की ओर से शक्तियों के गलत इस्तेमाल के तौर पर देखते हुए इसकी कानूनी वैधता पर विचार करने की मांग की गई है.

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