मुजफ्फरनगर में महिला कांवड़िए ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, SSP ने नाम दिया कार्तिकेय-गणेश

✍️NNS Desk
मुजफ्फरनगर में महिला कांवड़िए ने दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, SSP ने नाम दिया कार्तिकेय-गणेश

सावन के पावन माह और कांवड़ यात्रा के बीच UP के मुजफ्फरनगर में सोमवार को महिला कांवड़िया की गोद में किलकारी गूंजी. नीलकंठ से कांवड़ लेकर आ रही दिल्ली के भलस्वा निवासी नेहा ने जिला महिला अस्पताल में जुड़वा बेटों को जन्म दिया. सात माह में डिलिवरी के कारण दोनों बच्चों को अस्पताल स्टाफ ने एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कर परिजनों को सूचना दी. एसएसपी संजय वर्मा ने अस्पताल पहुंचकर महिला और बच्चों का हाल जाना. इससे जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.

दिल्ली के भलस्वा निवासी 20 वर्षीय नेहा अपनी साथी महिला कांवड़ियों के साथ शनिवार को कांवड़ लेने ऋषिकेश से आगे नीलकंठ पहुंची थी, वहां से कांवड़ उठा कर सभी सोमवार को मुजफ्फरगनर की सीमा में पहुंच गए. मुजफ्फरनगर पहुंचने पर सात महीने की गर्भवती नेहा को प्रसव पीड़ा हुई, इस दौरान उनके साथ वाले लोग आगे निकल गए. नेहा का दर्द देखकर अन्य कांवड़ियों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस जीप से ही उसे लेकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया और अपनी कांवड़ लेकर आगे की ओर बढ़ गए. जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों ने डिलीवरी की स्थिति देख पुलिस को सूचना देकर डिलीवरी प्रक्रिया पूर्ण की. यहां सामान्य डिलीवरी से महिला ने दो जुड़वा बेटों को जन्म दिया. महिला से चिकित्सकों ने उसके पति अनुराग का नंबर लेकर उन्हें भी जुड़वा बेटे होने की सूचना और बधाई दी.

नॉर्मल डिलीवरी से हुए जुड़वा बच्चे: अस्पताल में अकेली महिला कांवड़िया के बेटे होने की जानकारी पर एसएसपी संजय वर्मा भी अस्पताल पहुंचे. उन्होंने महिला से वार्ता के बाद अस्पताल प्रशासन को जच्चा और बच्चा दोनों की उचित देखभाल के निर्देश दिए. जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. मुरली भास्कर ने बताया कि महिला की सामान्य डिलीवरी के बाद दो जुड़वा बेटे हुए हैं, जिन्हें एसएनसीयू में भर्ती किया गया है. दोनों की हालत ठीक है, महिला भी स्वस्थ है. परिजनों को सूचना दे दी गई है, रात तक उनके मुजफ्फरनगर पहुंचने की जानकारी मिली है.

सात माह की गर्भवती होने के बावजूद अकेली कांवड़ लेने निकली नेहा: नीलकंठ से करीब 130 किलोमीटर से अधिक पैदल चलकर सोमवार को मुजफ्फरनगर पहुंची नेहा की हिम्मत देख अस्पताल का स्टाफ भी दंग रह गया. नेहा ने बताया कि वह घर से अकेले ही कांवड़ लाने के लिए पड़ोस की कुछ महिलाओं के साथ निकल आई थी. नेहा ने कहा कि सात माह ही हुए थे इसलिए अंदाजा ही नहीं था कि रास्ते में प्रसव पीड़ा भी हो जाएगी, लेकिन भोले बाबा के आशीर्वाद से स्वस्थ्य डिलीवरी हुई. यह मेरे लिए भोले बाबा का आशीर्वाद है। नेहा की हिम्मत देख कर हर कोई हैरान है.

एसएसपी ने किया नामकरण, लोगों ने दी बधाई: जिला अस्पताल में नेहा और बच्चों को देखने पहुंचे एसएसपी संजय वर्मा ने सावन के पहले सोमवार को नेहा की जिंदगी में दो बेटों के एक साथ आने पर उन्हें बधाई दी. उन्होंने बच्चों के लिए उपहार और नेहा को फल भेंट किए. एसएसपी ने नेहा से सहमति लेते हुए दोनों बेटों का नाम कार्तिकेय और गणेश रखने का सुझाव देते हुए नामकरण किया. इस दौरान अस्पताल स्टॉफ और पुलिसकर्मियों ने नेहा को बधाई भी दी.

सीएमओ ने जच्चा-बच्चा का जाना हाल: महिला कांवड़िये के जुड़वा बच्चे होने की सूचना पर सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया भी उनका हालचाल जानने महिला चिकित्सालय पहुंचे। उन्होंने महिला को पुष्पगुच्छ भेंट कर उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दीं और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली. सीएमओ का कहना है कि जच्चा एवं दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ्य हैं. उन्होंने जच्चा एवं दोनों नवजातों के उपचार की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चिकित्सकीय टीम को आवश्यक निर्देश दिए. सीएमओ ने बताया कि तीनों को सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग का पूरा प्रयास है कि जच्चा एवं दोनों नवजात पूर्णतः स्वस्थ होकर शीघ्र अपने परिजनों के साथ घर लौटें. अस्पताल स्टाफ द्वारा महिला के परिजनों को सूचना दे दी गई है. इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर भी मौजूद रहीं.

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