फर्रुखाबाद: दरोगा की ऑनलाइन रिश्वतखोरी का खुलासा: बेटे के खाते में मंगाए लाखों, गिरफ्तार

✍️Amisha Sachan
फर्रुखाबाद: दरोगा की ऑनलाइन रिश्वतखोरी का खुलासा: बेटे के खाते में मंगाए लाखों, गिरफ्तार

फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक दरोगा पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप साबित होने के बाद न केवल मुकदमा दर्ज किया गया, बल्कि उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इस पूरे मामले ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।आरोपी दरोगा सुरेश चाहर पर आरोप है कि उसने कानूनी कार्रवाई के नाम पर एक महिला प्रधान से लाखों रुपये वसूले। हैरानी की बात यह है कि रिश्वत की रकम सीधे अपने बेटे के ऑनलाइन अकाउंट में ट्रांसफर करवाई गई, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी दरोगा ने अपने बेटे पंकज चाहर के खाते में फोनपे जैसे डिजिटल माध्यमों के जरिए रकम डलवाई। जब इस ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की डिटेल सामने आई, तो पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए। पीड़ित पक्ष ने इन लेन-देन की पूरी सूची अधिकारियों के सामने पेश की, जिसके बाद जांच ने रफ्तार पकड़ी।

यह मामला मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र का है, जहां ग्राम निसाई की प्रधान गीता देवी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने उच्च अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करने के बाद उनसे कार्रवाई के नाम पर पैसे मांगे गए। आरोप है कि करीब 2.5 लाख रुपये की रकम उनसे ली गई, जिसमें कुछ नकद और बाकी ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।मामले की जांच एडिशनल एसपी अरुण कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है और जल्द ही इस मामले में और कदम उठाए जा सकते हैं।जिले की एसपी आरती सिंह ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

यह घटना पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाली है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रिश्वत लेने का यह तरीका दिखाता है कि भ्रष्टाचार किस तरह नए रूप में सामने आ रहा है। हालांकि, समय रहते कार्रवाई होने से यह भी स्पष्ट होता है कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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