Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण,धार्मिक दृष्टिकोण और वैज्ञानिक तथ्यों पर डालिए एक नज़र
✍️Amisha Sachan

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:20 बजे से शुरू हो रहा है। यह सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।यह सिर्फ खगोलीय घटना नहीं बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

चंद्र ग्रहण और धार्मिक महत्व
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस समय चंद्रमा का रंग तांबे या हल्का लाल दिखाई देता है।
हिंदू धर्म में महत्व:
- ग्रहण के दौरान मंत्र जाप और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।
- भोजन बनाना, खाना और शुभ कार्य शुरू करना वर्जित होता है।
- ग्रहण से पहले लगने वाला ‘सूतक काल’ अशुभ समय माना जाता है। इस काल में विशेष सावधानी बरतें और भगवान का ध्यान करें।
ग्रहण का समय और अवधि
- भारत में चंद्र ग्रहण दोपहर के समय दिखाई नहीं देगा, क्योंकि तब चंद्रमा उदय नहीं होगा।
- भारतीय समय के अनुसार ग्रहण का अंतिम चरण शाम 6:26 से 6:32 बजे के बीच दिखाई देगा।
- ग्रहण पूरी तरह से लगभग 6:46 से 6:47 बजे समाप्त होगा।
- इसलिए भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15–20 मिनट तक ही देखा जा सकेगा।
सावधानी और प्रभाव
- चंद्र ग्रहण सभी राशियों और व्यक्तियों पर प्रभाव डालता है।
- इस दौरान ध्यान, पूजा और मानसिक शांति बनाए रखना लाभकारी है।
- ग्रहण काल में कोई भी नया कार्य शुरू न करें और सकारात्मक ऊर्जा वाले कार्यों पर ध्यान दें।
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