औरैया में भीषण आग: 100 बीघा गेहूं की फसल राख, 25 किसान बर्बादी की कगार पर

औरैया से अमित शर्मा की रिपोर्ट औरैया उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां अचानक लगी भीषण आग ने किसानों की महीनों की मेहनत को कुछ ही पलों में राख में बदल दिया। कुदरकोट क्षेत्र के गांव काठघोर में दोपहर के समय अज्ञात कारणों से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और करीब 100 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया।

बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। तेज हवा के चलते लपटें एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, वे अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े और किसी तरह फसल को बचाने की कोशिश करने लगे।
इस आगजनी की घटना में लगभग 25 किसानों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसानों में दशरथ पुत्र प्रताप सिंह, विजयपाल पुत्र श्रीकृष्ण और विमला देवी पत्नी लखन सिंह समेत कई परिवार शामिल हैं। इन किसानों ने पूरे सीजन कड़ी मेहनत कर अपनी फसल तैयार की थी, लेकिन इस हादसे ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए हर संभव प्रयास किया। बाल्टियों में पानी भरकर, पंप मशीनों का उपयोग करके और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया जा सका, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी थी।
घटना के बाद गांव में मातम जैसा माहौल है। प्रभावित किसान बेहद चिंतित और परेशान हैं। उनका कहना है कि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से डगमगा गई है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी और अब फसल नष्ट होने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर मुआवजा नहीं दिया गया, तो उनके लिए जीवन यापन करना मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने यह भी मांग की है कि सरकार इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
स्थानीय लोगों का मानना है कि आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट, बीड़ी-सिगरेट या किसी अन्य लापरवाही की वजह हो सकती है, हालांकि अभी तक आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना है।
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