आषाढ़ी पूर्णिमा पर कानपुर-शुक्लागंज के घाटों पर उमड़ा आस्था का जन-समुद्र, कड़ी सुरक्षा

✍️NNS Desk
आषाढ़ी पूर्णिमा पर कानपुर-शुक्लागंज के घाटों पर उमड़ा आस्था का जन-समुद्र, कड़ी सुरक्षा

कानपुर में गुरु पूर्णिमा पर बुधवार सुबह गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सरसैया घाट, गंगा बैराज, परमट और जाजमऊ घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया. ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था.

स्नान के बाद लोगों ने पूजा-अर्चना की, सूर्य को अर्घ्य दिया और गुरु का आशीर्वाद लेकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस, जल पुलिस, पीएसी, गोताखोर और मोटरबोट तैनात हैं, जबकि नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.

सुरक्षा के किए गए व्यापक इंतजाम: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. पुलिस, जल पुलिस और पीएसी के जवान तैनात हैं. गंगा में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए गोताखोरों और मोटरबोट की व्यवस्था की गई है.

नगर निगम ने घाटों पर साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम भी एंबुलेंस के साथ मौके पर मौजूद है. ‘हर-हर गंगे’ और ‘गुरु देव की जय’ के जयघोष से पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा.

गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब: गुरु पूर्णिमा को सनातन परंपरा में गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान का पर्व माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और गुरु की पूजा करने से ज्ञान, सद्बुद्धि और जीवन में सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसी आस्था के साथ कानपुर के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा.

शुक्लागंज में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़: उधर शुक्लागंज में सीताराम कॉलोनी स्थित आनंद घाट पर हजारों की संख्या में गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ गंगा स्नान के लिए दूर दराज से लोग यहां पहुंचे. इस दौरान लोगों ने घाट पर ही विधि विधान से पूजन पाठ कर दान पुण्य किया और सुख समृद्धि का आशीर्वाद ईश्वर से मांगा. स्नान के कारण गंगा घाट रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही.

लखनऊ-कानपुर के बीच चलने वाली मेमो पैसेंजर, बालामऊ, रायबरेली पैसेंजर, कासगंज पैसेंजर समेत अन्य कई ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही. सुरक्षा को लेकर आरपीएफ जीआरपी स्टेशन पर मुस्तैद रही हालांकि स्टेशन परिसर के पास अमृत भारत रेलवे स्टेशन योजना के अंतर्गत हो रहे काम के कारण वैकल्पिक एकल मार्ग होने से लोगों को आवागमन में समस्या रही लोग जल्दबाजी में रेल पटरी से होकर निकले.

पांच नाव, पांच नाविक, 10 गोताखोर मौजूद: वहीं, घाटों पर नगर पालिका द्वारा सुरक्षा के चलते पांच नाव, पांच नाविक, 10 गोताखोर लगाए गए. महिलाओं को वस्त्र बदलने के लिए चार अस्थाई चेंजिंग रूम भी बनाए गए. इस दौरान घाट पर मोटर बोट से सुबह नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में बनी टीम द्वारा स्नान करने वालों पर नजर रखते हुए व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया गया. कोतवाली प्रभारी निरीक्षक गंगा घाट अजय कुमार सिंह ने बताया कि घाट पर पुलिस तैनात रही.

तीन बजे से श्रद्धालुओं का आना शुरू: रात तीन बजे गंगा स्नान करने को श्रद्धालुओं की भीड़ मिश्रा कॉलोनी घाट पर पहुंच गई. यहां पर जिलाधिकारी ने पूरी तरह से कटान होने के कारण रोक लगा रखी थी. सूचना पर भारी पुलिस बल पहुंचा और श्रद्धालुओं को आनंद घाट की ओर भेजा, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया. बताया गया कि तड़के तीन बजे से लेकर सुबह नौ बजे के बीच करीब चार हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई.

उत्तर प्रदेश से और खबरें