11 जून को परमा एकादशी, व्रत-पूजा से चूके तो नहीं मिलेगा अगले 3 साल तक मौका

✍️NNS Desk
11 जून को परमा एकादशी, व्रत-पूजा से चूके तो नहीं मिलेगा अगले 3 साल तक मौका

अधिकमास चल रहा है और इसका हर दिन खास होता है क्‍योंकि भगवान विष्‍णु को समर्पित यह महीना 3 साल में आता है. 11 जून 2026 को ऐसी ही खास तिथि है, जब व्रत रखने से 100 यज्ञ करने जितना फल मिलेगा.

सनातन धर्म में 3 साल में आने वाले अतिरिक्‍त 13वें महीने को अधिकमास और पुरुषोत्‍तम मास कहते हैं. इस महीने में भगवान विष्‍णु की पूजा करने का विधान है इसलिए इस महीने की एकादशी को विशेष महत्‍व दिया गया है. एकादशी व्रत भी श्रीहरि विष्‍णु को समर्पित है.

अधिकमास की पहली एकादशी निकल चुकी है और अब दूसरी एकादशी आ रही है. इसे परमा एकादशी कहते हैं. परमा एकादशी 3 साल में 1 बार आती है और बेहद पुण्‍यदायी मानी गई है. मान्‍यता है कि परमा एकादशी का व्रत व्‍यक्ति को मोक्ष दिला सकता है. साथ ही यह व्रत रखने और पूजा करने से 100 यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है. साथ ही धन-समृद्धि मिलती है. तंगी दूर होती है.

द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्‍येष्‍ठ अधिक कृष्‍ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 जून 2026 को सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी और 11 जून को रात 10 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा.

परमा एकादशी व्रत का पारण समय: परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, गुरुवार को द्वादशी तिथि के दिन किया जाएगा. एकादशी के व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 12 जून की सुबह 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 08 बजकर 10 मिनट तक रहेगा.

परमा एकादशी के दिन करें ये उपाय: परमा एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास घी का चौमुखी दीपक जलाएं. दीपक में एक चुटकी हल्‍दी या कुमकुम डाल दें. फिर तुलसी की परिक्रमा करें. लेकिन पौधे को स्‍पर्श न करें. परिक्रमा करने के दौरान मां लक्ष्‍मी से धन देने की प्रार्थना करें.

परमा एकादशी तिथि को भगवान विष्‍णु और माता लक्ष्‍मी की विधि-विधान से पूजा करें. पूजा में पीले कपड़े पर चांदी का सिक्‍का और हल्‍दी की गांठ रखें. पूजा के बाद पीले कपड़े में सिक्‍का और हल्‍दी की गांठ लपेट दें और उसे तिजोरी या धनस्‍थान पर रखें. यदि चांदी का सिक्‍का न हो तो उसकी जगह 11 कौड़ी रख सकते हैं. ऐसा करने से धन बढ़ने लगता है. घर में सुख-समृद्धि आती है.

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