REPORT – Chandra Shekhar Namdeo महोबा जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए बड़े घोटाले को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ किसानों ने आज आंदोलन के सौवें दिन अर्द्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से खत लिखकर फसल बीमा घोटाले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की जांच CBI या SIT से कराने की मांग उठाई है।किसानों का कहना है कि तीन महीनों से अधिक समय से वे जय जवान जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन सिर्फ “खानापूर्ति” कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को जरूर गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य घोटालेबाज़ अभी भी खुले घूम रहे हैं, जिनपर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

बुंदेलखंड का दर्द और ऊपर से घोटाला

महोबा जिला पिछले एक दशक से ओलावृष्टि, सूखा और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए राहत का माध्यम थी, लेकिन जालसाजों ने प्रशासनिक मिलीभगत से किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों की बीमा राशि पर डाका डाल दिया।घोटाले का खुलासा होते ही किसानों ने आंदोलन शुरू किया। प्रशासन के दबाव में पुलिस ने अब तक जिले के विभिन्न थानों में 5 मुकदमे दर्ज किए हैं। कुल 26 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें से 11–14 आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।
100वें दिन किसानों का अर्द्धनग्न प्रदर्शन
सौवें दिन किसानों ने सदर तहसील में अर्द्धनग्न होकर सख्त विरोध जताया। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी गिरफ्तार होने तक आंदोलन वापस नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर बीमा कंपनी अधिकारियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि योजनाबद्ध तरीके से किसानों को लूटा गया है।किसानों की मांग है कि बीमा घोटाले की निष्पक्ष जांच CBI या SIT से कराई जाए, ताकि असली जिम्मेदारों को सजा मिल सके।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई न हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
