Birth Control Pills-बर्थ कंट्रोल पिल्स और कैंसर का संबंध: जानें क्या है सच

Birth Control Pills – बर्थ कंट्रोल पिल्स, जिन्हें ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स भी कहा जाता है, महिलाओं के बीच गर्भधारण रोकने के लिए सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक हैं। यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या इनका सेवन महिलाओं में कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है।
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी और अन्य मेडिकल रिसर्च के अनुसार, बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को बदल सकता है। उदाहरण के लिए, पिल्स लेने से गर्भाशय (Endometrial) और अंडाशय (Ovarian) कैंसर का खतरा कम होता है। वहीं, स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) कैंसर के कुछ मामलों में रिस्क थोड़ी बढ़ सकती है, विशेषकर यदि पिल्स का उपयोग कम उम्र में शुरू किया गया हो या लंबे समय तक किया गया हो।

विशेषज्ञ बताते हैं कि रिस्क का स्तर आम तौर पर बहुत मामूली होता है और पिल्स के कई लाभ—जैसे मासिक धर्म में नियमितता, पीरियड्स के दर्द में कमी और अनचाहे गर्भधारण से सुरक्षा—इस छोटे जोखिम से कहीं अधिक हैं। इसके अलावा, पिल्स लेने वाली महिलाओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए, जिसमें स्तन कैंसर और अन्य संबंधित चेकअप शामिल हैं।

महत्वपूर्ण यह है कि पिल्स पूरी तरह से कैंसर नहीं पैदा करतीं, लेकिन सावधानी और नियमित स्वास्थ्य मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। किसी भी नई कॉन्ट्रासेप्टिव पद्धति को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Latest से और खबरें

अमेठी : भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह का प्रथम आगमन
1 मार्च 2026
औरैया: गंग नहर में मगरमच्छ मिलने से मच गया हड़कंप
1 मार्च 2026
कानपुर: बार एसोसिएशन के होली “सांस्कृतिक कार्यक्रम” पर उठे सवाल
28 फ़रवरी 2026