प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक उपलब्धि, अयोध्या राम मंदिर की ऐतिहासिक घटनाओं, महिला खिलाड़ियों की सफलता और इसरो की अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता में Gen-Z युवाओं के प्रयासों की सराहना की।

युवाओं और इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता का जिक्र
PM मोदी ने कहा कि नवंबर महीना कई प्रेरणाओं से भरा हुआ था। इसी क्रम में उन्होंने इसरो द्वारा आयोजित एक अनोखी ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा और खासकर Gen-Z प्रतिभागियों ने मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने का प्रयास किया। मंगल पर GPS न होने की वजह से ड्रोन को केवल अपने कैमरों और इनबिल्ट सॉफ्टवेयर के सहारे दिशा, ऊंचाई और बाधाओं का अनुमान लगाना था।उन्होंने बताया कि कई ड्रोन लगातार गिरते रहे, लेकिन पुणे के युवाओं की एक टीम ने कई असफलताओं के बाद भी सफलता हासिल की। PM मोदी ने इसे चंद्रयान-2 की असफलता और चंद्रयान-3 की सफलता से जोड़ते हुए कहा कि “युवाओं की यह लगन भारत की सबसे बड़ी ताकत है।”

राम मंदिर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर माह में देश ने कई ऐतिहासिक क्षण देखे—26 नवंबर को संविधान दिवस पर संसद के सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम, अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा का आरोहण, और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में पंचजन्य स्मारक का लोकार्पण।
महिला खिलाड़ियों की तारीफ
PM मोदी ने भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने टोक्यो में हुए डेफ ओलंपिक्स में 20 मेडल, महिला कबड्डी टीम ने कबड्डी वर्ल्ड कप, और खिलाड़ियों ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में भी 20 मेडल जीते।उन्होंने विशेष रूप से भारतीय महिला टीम द्वारा ब्लाइंड क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने की उपलब्धि का उल्लेख किया और कहा कि यह जीत देश के खेल इतिहास की सबसे प्रेरणादायक उपलब्धियों में से एक है।
खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जो 10 साल पहले की तुलना में 100 मिलियन टन अधिक है।अंत में PM मोदी ने महाभारत अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र में अब लोग 3D, लाइट एंड साउंड और डिजिटल तकनीक के माध्यम से महाभारत का अनुभव कर सकते हैं।
