यूपी के महोबा जिले में मतदाता सूची के प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बीएलओ के सहयोग हेतु तैनात पंचायत सहायकों की गैरहाजिरी और उदासीनता को देखते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।जिले के 27 पंचायत सहायकों को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है, जबकि एक ग्राम पंचायत सचिव का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से SIR कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

कई ब्लॉकों में लापरवाही उजागर
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि कबरई, चरखारी, जैतपुर और पनवाड़ी ब्लॉक के कई पंचायत सहायक कार्यस्थल पर मौजूद ही नहीं थे।नियमों के मुताबिक, बीएलओ को मतदाता सूची पुनरीक्षण में सहयोग देने के लिए ग्राम प्रधान, कोटेदार, पंचायत सहायक, ग्राम सचिव और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

इसके साथ ही एसडीएम और तहसीलदार भी निगरानी में लगे हैं।इसके बावजूद जिले में केवल 50% डेटा ही ऑनलाइन अपलोड हो सका, जिससे SIR की प्रगति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
किस ब्लॉक में कितने पंचायत सहायकों पर कार्रवाई?
- कबरई ब्लॉक: डिगरिया, श्रीनगर, सिचौरा, सिजहरी, ढिकवाहा, कबरई देहात सहित 6 पंचायतों के सहायक
- पनवाड़ी ब्लॉक: अमानपुरा, विजयपुर, पनवाड़ी, नकरा, कोहनिया, किल्हौआ, काशीपुरा, तेईया, चौका, सौरा और बम्हौरीकुर्मिन — कुल 11 पंचायत
- चरखारी ब्लॉक: अक्ठौंहा, कुड़ार, बमरारा, गौरहारी — कुल 4 पंचायत
- जैतपुर ब्लॉक: गुढ़ा, जैलवारा, कमालपुरा, बिहार, थुरट, सलैयामाफ — कुल 6 पंचायत
DPRO ने दिए कड़े निर्देश
DPRO चंद्रकिशोर वर्मा ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ऑनलाइन मीटिंग के बाद सीडीओ ने सभी सचिवों और ब्लॉक अधिकारियों को SIR कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। पंचायत सहायकों की उपस्थिति जांच में 27 सहायक अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद तीन दिनों के भीतर सेवा समाप्ति प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि SIR कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
