कानपुर देहात। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद देवेंद्र सिंह भोले और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी के बीच हुई तीखी नोकझोंक का असली कारण अब सामने आ गया है।

विवाद की जड़ मिर्जा ताल में हुए अवैध मिट्टी खनन से जुड़ी बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में 4416 घनमीटर अवैध मिट्टी खनन की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट में नगर पंचायत अकबरपुर पर सीधे तौर पर अवैध खनन कराने का आरोप लगा था।

हालांकि मौजूदा डीएम कपिल सिंह ने कार्रवाई करने के बजाय नई जांच टीम गठित कर दी, लेकिन यह टीम आज तक अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी।
