मुंबई: कुछ फिल्मों को प्रमोशन की ज़रूरत नहीं होती उनका कंटेंट ही उनका असली हथियार होता है।
यामी गौतम धर और इमरान हाशमी स्टारर फिल्म ‘हक’ (Haq) भी ऐसी ही फिल्मों में से एक है।
यह फिल्म अपने गंभीर विषय और भावनात्मक ताकत के कारण दर्शकों के दिल को छू जाती है।

फिल्म की कहानी
‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है, जिसे सुपर्ण वर्मा ने निर्देशित किया है।यह कहानी मोहम्मद अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम केस से प्रेरित है जो भारतीय न्याय प्रणाली के इतिहास का एक अहम अध्याय रहा है।फिल्म 60 से 80 के दशक की पृष्ठभूमि में बुनी गई है।यामी गौतम ने शाह बानो (फिल्म में शाजिया बानो) का किरदार निभाया है, जबकि इमरान हाशमी उनके पति अहमद खान के रूप में नज़र आते हैं।फिल्म की शुरुआत एक खूबसूरत प्रेम कहानी से होती है, लेकिन समय के साथ अहमद की ज़िंदगी में दूसरा रिश्ता आ जाता है और बानो अपने अधिकारों की लड़ाई शुरू करती है।
इसी संघर्ष को फिल्म बेहद संवेदनशील और यथार्थ तरीके से पेश करती है।

अभिनय और निर्देशन
यामी गौतम ने अपने अभिनय से एक बार फिर साबित किया है कि वे सीरियस रोल्स की महारथी हैं।उन्होंने शाह बानो के दर्द, साहस और आत्मसम्मान को पूरी गहराई से पर्दे पर उतारा है।वहीं, इमरान हाशमी का यह नया रूप दर्शकों को हैरान कर देगा — बेहद संयमित, ईमानदार और भावनात्मक।फिल्म में राहुल मित्रा (सेशंस कोर्ट के जज) की भूमिका भी प्रभावशाली है।इसके अलावा, एसएम जहीर, वर्तिका सिंह, दानिश हुसैन और शीबा चड्ढा ने भी अपने-अपने किरदारों में जान डाल दी है।निर्देशक सुपर्ण वर्मा ने छोटी-छोटी बारीकियों पर शानदार काम किया है।फिल्म का हर सीन जरूरी और प्रभावशाली लगता हैकहीं भी कहानी बिखरती नहीं।
क्लाइमैक्स है सबसे बड़ा आकर्षण
फिल्म का क्लाइमैक्स इसका सबसे दमदार हिस्सा है लगभग 15 मिनट तक यह आपको अवाक छोड़ देगा।
इस सीन के बाद दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं और न्याय के अर्थ पर सोचने को मजबूर करती हैं।
रिलीज़ डेट और फैमिली व्यूइंग
‘हक’ 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है।यह एक ऐसी फिल्म है जिसे आप पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं इसमें न हिंसा है, न अश्लीलता, सिर्फ इंसानियत और न्याय की सच्ची कहानी है।
