दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच अब कानपुर देहात तक पहुंच गई है। जिले के मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर डॉ. हामिद अंसारी से सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2013 में डॉ. शाहीन के लापता होने के समय डॉ. हामिद भी अचानक भारत से गायब हो गए थे, जिसके बाद उनकी भूमिका की गहन जांच शुरू की गई है।

कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में तैनात
वर्तमान में डॉ. हामिद कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 1998 में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ से एमडी पूरा किया और 2009 तथा 2010 में अलीगढ़ व उत्तर प्रदेश कमिश्नरी कानपुर मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दीं।
2013 में अचानक विदेश रवाना
डॉ. हामिद ने बताया कि वे 2013 में स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर सऊदी अरब चले गए थे। वहां वे करीब सात वर्षों तक JAZAN यूनिवर्सिटी में कार्यरत रहे। भारत लौटने के बाद उन्होंने कानपुर के एक निजी अस्पताल में भी नौकरी की।
वर्ष 2023 में वे पुनः कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए। मूल रूप से वे आसनसोल (पश्चिम बंगाल) के रहने वाले हैं। उनकी तीन संतानें हैं—एक बेटी और दो बेटे—जो कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
डॉ. शाहीन से किसी पहचान से इंकार
डॉ. हामिद के अनुसार, हाल ही में उन्हें लखनऊ से पूछताछ के लिए कॉल आया था और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि 2013 में उनके विदेश जाने के समय डॉ. शाहीन भी लापता हुई थीं, लेकिन किसी भी प्रकार की जान-पहचान, मुलाकात या संबंध से साफ इनकार किया।
जांच एजेंसियां सतर्क
दिल्ली ब्लास्ट जांच से जुड़ा होने के कारण मामले को अत्यधिक संवेदनशील माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां 2013 के गायब होने के घटनाक्रम, विदेश में प्रवास और डॉ. हामिद के संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं।
