मेरठ: CRPF जवान निकला पुलिस भर्ती मेडिकल टेस्ट में सेंधमारी का मास्टरमाइंड, पुलिस ने किया गिरफ्तार- MEERUT CRPF JAWAN ARRESTED

मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रक्रिया सेंधमारी करने वाले मास्टरमाइंड (CRPF JAWAN ARRESTED) को मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी जम्मू-कश्मीर में एएसआई के पद पर तैनात है और छुट्टियों पर मेरठ आया था. पुलिस ने आरोपी को शनिवार को मेरठ की सिविल लाइन थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया.
राजेंद्र कुमार पर आरोप है कि वह मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 21 हजार रुपये की रिश्वत वसूल रहा था. जांच में सामने आया कि राजेंद्र और उसका सहयोगी सागर कुमार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. कुछ दिन पहले पुलिस ने सागर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद राजेंद्र का नाम सामने आया.
खाकी पैंट और लाल जूते में आया ‘फर्ज़ी दारोगा’
इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के सिंहपुर निवासी अरुण कुमार, अपने भाई अनुभव का मेडिकल टेस्ट कराने मेरठ पुलिस लाइन पहुंचा था. तभी एक युवक, जिसने खाकी पैंट और लाल जूते पहन रखे थे, खुद को क्राइम ब्रांच का दारोगा बताकर मेडिकल में पास कराने का दावा करने लगा. बदले में उसने 21 हजार रुपये की मांग की. उसने यह भी दावा किया कि वह पहले भी दो अभ्यर्थियों को पास करवा चुका है.
अरुण कुमार ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी और आरोपी सागर को पकड़वाया. सागर को जेल भेजने के बाद जब उससे पूछताछ की गई, तो सीआरपीएफ जवान राजेंद्र कुमार का नाम सामने आया.
सीआरपीएफ जवान से वसूली गई थी डेढ़ लाख की रकम
सागर ने पूछताछ में बताया कि राजेंद्र के खाते में अभ्यर्थियों से वसूली गई डेढ़ लाख रुपये की रकम ट्रांसफर की गई थी. हालांकि, राजेंद्र ने सफाई दी कि सागर पर उसका 2 लाख रुपये बकाया था और यह रकम उसी उधारी में दी गई है. पुलिस ने जब दोनों की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच की तो इस गोरखधंधे की पुष्टि हुई.
आरोपी की पूरी कुंडली
राजेंद्र कुमार मूल रूप से बड़ौत (बावली), जिला बागपत का निवासी है और फिलहाल बलराम नगर, लोनी, गाजियाबाद में रहता है. वह जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में एएसआई पद पर तैनात है और छुट्टी लेकर मेरठ आया था. पुलिस का दावा है कि वह इसी प्रकार के कामों में शामिल रहा है.
थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस पूरे मामले में अभियोग संख्या 98/2025 को धारा 61(2), 308(2), 318(4), 351(2), 309(4), 317(2) बीएनएस व पुलिस परीक्षा अधिनियम की धारा 13(2) के तहत दर्ज किया है. गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक सौरभ तिवारी, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल राजीव कुमार शामिल रहे.
पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है. ऐसे किसी भी फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. पुलिस इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश कर रही है.
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