बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शुक्रवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हैदरगढ़ से भाजपा विधायक दिनेश रावत के छोटे भाई मिथिलेश रावत (30) की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। दिल्ली से वापस लौटते समय इटावा जिले के आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने विधायक परिवार को झकझोर कर रख दिया। शाम होते-होते उनके गांव मीरापुर में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और वातावरण शोकाकुल हो गया।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मिथिलेश रावत गुरुवार को अपने साथियों दिलीप पटेल और मोहम्मद हफीज के साथ दिल्ली गए थे। शुक्रवार भोर वे कार से वापस लौट रहे थे।इटावा जिले के ताखा कस्बे के पास (किमी 128.5) पहुंचने पर कार चला रहे ड्राइवर हफीज को झपकी आने लगी।

सुरक्षा के मद्देनजर मिथिलेश ने कार (UP 32 QP 4440) रुकवाई और स्वयं ड्राइविंग करने के लिए वाहन से नीचे उतर गए।उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आई एक अनियंत्रित डीसीएम ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मिथिलेश की मौके पर ही मौत हो गई। कार में मौजूद दोनों साथी घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विधायक को मिली दुखद सूचना

इटावा पुलिस ने तुरंत विधायक दिनेश रावत को हादसे की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे तत्काल इटावा के लिए रवाना हुए। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव को मीरापुर भेजा गया, जहां पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मीरापुर में हजारों की भीड़, नेताओं का जमावड़ा
शुक्रवार शाम को मीरापुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र के कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाया।मुख्य रूप से मौजूद रहे—
- राज्यमंत्री सतीश शर्मा
- एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत
- एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय
- इंस्पेक्टर कोठी अमित सिंह भदौरिया
- त्रिवेदीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुनील सिंह
- भाजपा नेता पंकज दीक्षित, राहुल दीक्षित, सहित हजारों ग्रामीण
कैंसरगंज चौराहा से लेकर अंतिम संस्कार स्थल बराईखेरवा तक करीब ढाई किलोमीटर तक भीड़ फैली रही, जिसने इस दुखद घटना की गंभीरता को दिखा दिया।

परिवार में मातम
मृतक मिथिलेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई विधायक दिनेश रावत हैं, जबकि अन्य दो भाई विमलेश और लवलेश हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तस्वीरें पोस्ट कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
