रिपोर्टर – अमित शर्मा बिधूना (औरैया)।गौवध और गौकशी के गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आलोक परिहार को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे सहार मोड़ के पास से पकड़ा। बताया जा रहा है कि आलोक परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष का करीबी है।

पुलिस ने आरोपी को मुकदमा अपराध संख्या 411/2025 के तहत गिरफ्तार किया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), गौवध निवारण अधिनियम की धारा 5A/8, और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था।
न्यायालय से गैर-जमानती वारंट की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आलोक की गिरफ्तारी के बाद गौकशी मामले की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
अब तक 15 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से दो को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। वहीं, प्रारंभिक जांच में जिला पंचायत अध्यक्ष के करीबी लोगों के नाम भी सामने आए हैं।इस मामले की शुरुआत 7 सितंबर को हुई थी, जब धनवाली पुलिया के पास एक कंटेनर पलट गया, जिसमें 17 गौवंश भरे हुए थे। उनमें से 14 की मौत हो गई थी और 3 गंभीर रूप से घायल पाए गए थे। कंटेनर के अंदर गाय और सांडों के हाथ-पैर व मुंह रस्सी से बंधे हुए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कंटेनर जब्त किया और अहमदाबाद रोड लाइन्स प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्म के नाम पर रजिस्टर्ड वाहन को ऑनलाइन सीज किया।
घायल गौवंशों का इलाज कराकर उन्हें स्थानीय गौशाला भेजा गया, जबकि मृत गौवंशों को पोस्टमॉर्टम के बाद सम्मानपूर्वक दफनाया गया।उपनिरीक्षक यतेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है, ताकि इस अवैध रैकेट में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि यह मामला गौवंश की तस्करी और क्रूर व्यवहार के गंभीर स्वरूप को उजागर करता है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
