REPORT: चंद्रशेखर नामदेव महोबा – बुन्देलखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को करीब से समझने के लिए दक्षिण कोरिया के 17 सदस्यीय छात्रों का एक दल पांच दिवसीय दौरे पर महोबा जिले के काकुन गाँव पहुँचा।

दल ने यहाँ स्थित स्वामी शांतानंद सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नव निर्मित न्यूट्रिशन किचन का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया है।

दल का नेतृत्व दक्षिण कोरिया की वोंग वांग डिजिटल यूनिवर्सिटी में कार्यरत योग प्रशिक्षक सोंग जॉन सून कर रही हैं, जो तीन हजार से अधिक लोगों को योग सिखा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षिक रिश्तों को मजबूत करना उनका उद्देश्य है।

यह दौरा काकुन गांव के निवासी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के पूर्व प्रोफेसर धर्मेन्द्र मिश्रा के प्रयासों से संभव हुआ। धर्मेन्द्र मिश्रा ने BHU की नौकरी छोड़ मातृभूमि की सेवा का संकल्प लिया था। उन्होंने गांव के विकास के लिए शिक्षा, जल संरक्षण और हरियाली अभियान की शुरुआत की।लगभग दो दशक के उनके अथक प्रयासों से गांव में शिक्षा और पर्यावरण दोनों क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने अपनी पुश्तैनी ज़मीन पर सैकड़ों मीटर लंबा और 50 फीट गहरा तालाब खुदवाकर जल संचयन की प्रेरक मिसाल पेश की।
कोरियाई दल के सदस्यों ने बच्चों को योग, मार्शल आर्ट और आपसी भाईचारे के गुर सिखाए तथा विद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना की।साथ ही दल ने विद्यालय प्रबंधन को आर्थिक मदद के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।सोंग जॉन सून ने कहा कि — “हम हर साल भारत आते हैं ताकि यहां की संस्कृति, सभ्यता और लोगों की गर्मजोशी को महसूस कर सकें। इस बार हमने देखा कि कैसे एक किसान पुत्र ने ड्राई जोन को हरा-भरा कर दिया। यह वास्तव में प्रेरणादायक है।”
