3200 करोड़ के अवैध लेनदेन में शातिर संजीव दीक्षित अरेस्ट, मिला 323 करोड़ का और काला लेनदेन

कानपुर की चकेरी पुलिस ने 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में शुक्रवार को एक और शातिर आरोपी संजीव दीक्षित को अरेस्ट कर लिया. गरीब-मजदूरों को झांसा देकर उनके दस्तावेजों से 13 बोगस कंपनियां खड़ी करने के साथ ही 18 बैंक अकाउंट खोलकर 323 करोड़ के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है.
पकड़ा गया शातिर जेल भेजे गए महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी का पार्टनर है. शातिर ने बोगस कंपनियों के जरिए करोड़ों की आईटीसी चोरी, स्क्रैप कारोबारियों व स्लाटर हाउस की काली कमाई को ठिकाने लगाने का काम कर रहा था.
गरीब-मजदूरों के नाम पर कंपनियां और अरबों का ट्रांजेक्शन मिला: पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने पुलिस ऑफिस में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राजीव नगर उर्मिला मार्केट यशोदा नगर निवासी संजीव उर्फ संजीव कुमार उर्फ संजीव दीक्षित की अरेस्टिंग का खुलासा किया.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कानपुर में 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन में जेल भेजा गया मास्टर माइंड महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी के साथी संजीव दीक्षित को चकेरी पुलिस ने श्याम नगर से अरेस्ट कर लिया. बीएससी पास शातिर संजीव गरीब व बेरोजगारों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेज लेकर बोगस कंपनियां बनाने के साथ ही उनके नाम पर बैंक अकाउंट खोलता और पूरा एक्सेस अपने पास रखता था.
संजीव ने लोगों को गुमराह करके उनके दस्तावेजों के जरिए 13 कंपनियां खड़ी की और 323 करोड़ का अवैध लेनदेन सामने आया है. शातिर इन बोगस कंपनियों के जरिए ही आईटीसी क्लेम करके सरकार को करोड़ों का चूना लगाया. इन बोगस कंपनियों और बैंक अकाउंट के जरिए ही स्लाटर हाउस व स्क्रैप कारोबारियों के करोड़ों रुपए को इधर से उधर करके सरकार की टैक्स चोरी की.

पुलिस ने पूर्व में मास्टर माइंड महफूल अली उर्फ पप्पू छुरी को अरेस्ट करके जेल भेजा था.
एक-दो नहीं सैकड़ों स्क्रैप कारोबारी व स्लाटर हाउस मालिक अपने लाखों करोड़ों रुपए का इन्हीं बोगस कंपनियों के साथ ही बैंक अकाउंट से लेनदेन करते थे. पुलिस के पास कानपुर के 50 से ज्यादा बड़े कारोबारी व उद्योगपतियों के नाम सामने आए हैं जो इन बोगस कंपनियों व बैंक अकाउंट के जरिए अपने काली रकम को सफेद कर रहे थे. पुलिस ने पकड़े गए शातिर संजीव दीक्षित को अरेस्ट करने के बाद कोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया गया.
शातिर के खिलाफ पूर्छ में दर्ज 6 मुकदमे: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शातिर कोई पहली बार नहीं अरेस्ट हुआ है। इससे पहले भी लोगों से धोखाधड़ी करके उनके दस्तावेजों पर बोगस कंपनी बनाने और बैंक अकाउंट खोलने के मामले में जेल जा चुका है. छह महीने की जेल काटने के बाद शातिर संजीव दीक्षित बाहर आया और फिर से वही काम शुरू कर दिया. शातिर के खिलाफ चकेरी और अनवरगंज थाने में आधा दर्जन मुकदमें दर्ज हैं.
सिंडीकेट की 10वीं अरेस्टिंग, अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कानपुर में 3200 करोड़ के अवैध लेनदेन के मामले में 10वीं अरेस्टिंग की है. इस सिंडीकेट में जुड़े कई बड़े चेहरे उनके रडार पर हैं। जल्द ही गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की भी अरेस्टिंग करके जेल भेजा जाएगा.
इस गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. इसके साथ ही शातिरों से जुड़कर अपनी काली रकम को सफेद करने वाले व सरकार के टैक्स चोरी करने वाले कारोबारियों को भी रडार पर लिया गया है. इन सभी से जल्द ही पूछताछ की जाएगी.
कानपुर नगर से और खबरें

पनकी में बमबाजी व फायरिंग से फैलाई दहशत: 40 सेकेंड में 4 धमाके, CCTV आया सामने
12 जून 2026
जाजमऊ की लेदर फैक्ट्री में आग, दहशत में आए लोग, मजदूरों ने भागकर बचाई जान
12 जून 2026
ट्रांसपोर्टर की पत्नी का मंगलसूत्र लूटने वाला दबोचा गया, CCTV में बाइक नंबर आने से पकड़ा गया
11 जून 2026