मेक्सिको में एक बार फिर धरती जोरदार तरीके से कांप उठी। मंगलवार को आए 6.5 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी। झटके इतने तेज थे कि कई इलाकों में इमारतें हिलती नजर आईं और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र सैन मार्कोस शहर के पास बताया जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर महसूस किया गया।

अचानक आए झटकों से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूकंप के झटके अचानक महसूस हुए और कुछ सेकेंड तक धरती लगातार कांपती रही। कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने बताया कि दीवारों और खिड़कियों में कंपन महसूस हुआ। दहशत में लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सड़कों पर आ गए। कुछ जगहों पर लोग खुले मैदानों और पार्कों में शरण लेते दिखे।
सैन मार्कोस के पास था भूकंप का केंद्र
भूकंप का केंद्र मेक्सिको के सैन मार्कोस शहर के नजदीक जमीन के अंदर बताया गया है। भूकंप मापने वाली एजेंसियों के अनुसार, इसकी तीव्रता 6.5 दर्ज की गई, जो काफी मजबूत मानी जाती है। इस तीव्रता के भूकंप से आमतौर पर इमारतों को नुकसान पहुंचने और अफरा-तफरी मचने की आशंका रहती है।
फिलहाल जान-माल के बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भूकंप के बाद राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई इलाकों में इमारतों में दरारें आने और घरेलू सामान गिरने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के शक्तिशाली भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी हल्के झटके आने की संभावना बनी रहती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है मेक्सिको
गौरतलब है कि मेक्सिको भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहां अक्सर मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में आने के कारण मेक्सिको में भूकंपीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। इससे पहले भी देश कई विनाशकारी भूकंप झेल चुका है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें। स्कूलों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा जांच की जा रही है।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। आने वाले समय में नुकसान का पूरा आकलन किए जाने की संभावना है।
