Kadhai vs Pressure Cooker: किचन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में कढ़ाही और प्रेशर कुकर शामिल हैं। रोजमर्रा की भाग-दौड़ में प्रेशर कुकर खाना बनाना तेज और आसान माना जाता है, जबकि कढ़ाही में तैयार खाना स्वाद और परंपरा के लिए पसंद किया जाता है। लेकिन सवाल सिर्फ स्वाद या समय का नहीं है, बल्कि सेहत और पोषक तत्वों पर भी असर पड़ता है।

1. कढ़ाही में खाना
कढ़ाही में खाना आमतौर पर खुले बर्तन में और मध्यम आंच पर पकाया जाता है। इसमें सब्जियां, मसाले और तेल अच्छी तरह मिलते हैं और खाना धीरे-धीरे तैयार होता है।
फायदे:
- सब्जियों का रंग, खुशबू और बनावट बेहतर रहती है।
- मसालों का स्वाद अच्छी तरह निकलता है, जिससे कम मसालों में भी स्वाद बढ़ जाता है।
- धीरे पकने वाला खाना कुछ लोगों के लिए पचाने में आसान होता है।
सावधानियां:
- ज्यादा तेल या तेज आंच पर तलने से पोषण घट सकता है।
- समय और ईंधन की खपत अधिक होती है।
2. प्रेशर कुकर में खाना
प्रेशर कुकर में खाना बंद ढक्कन के अंदर भाप और दबाव में पकता है। इससे दाल, चावल, सब्ज़ियां और खिचड़ी जल्दी बन जाती हैं।
फायदे:
- खाना जल्दी तैयार होता है, समय की बचत होती है।
- पोषक तत्व अधिकतर सुरक्षित रहते हैं क्योंकि कम समय में खाना पकता है।
- ऊर्जा की बचत होती है।
सावधानियां:
- लंबे समय तक तेज आंच पर पकाने से कुछ पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
- ढक्कन खुलते समय सावधानी जरूरी है।

3. स्वाद, पोषण और समय का संतुलन
यदि आप स्वाद और धीरे पकने वाले पोषक तत्वों को प्राथमिकता देते हैं, तो कढ़ाही बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर समय की बचत और ऊर्जा की बचत जरूरी है, तो प्रेशर कुकर अधिक सुविधाजनक है। स्वास्थ्य और पोषण के लिहाज से दोनों तरीकों का संतुलित उपयोग करना सही माना जाता है।किचन में दोनों बर्तनों का महत्व अलग-अलग है। स्वाद और परंपरा के लिए कढ़ाही, जबकि समय और पोषण बचाने के लिए प्रेशर कुकर का प्रयोग करना समझदारी है। कढ़ाही vs प्रेशर कुकर का चुनाव आपकी प्राथमिकता और जरूरत पर निर्भर करता है।
