महोबा REPORT: चंद्रशेखर नामदेव यूपी के महोबा जिले में स्थित सदर तहसील परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित रूप से रात के अंधेरे में सरकारी अभिलेखों को जलाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो उस समय सामने आया है जब अगले ही दिन राजस्व परिषद सचिव का जनपद दौरा प्रस्तावित था। घटना के सामने आते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज़ हो गई हैं।

वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तहसील परिसर के भीतर कुछ लोग आग के पास खड़े हैं और वहां पुराने दस्तावेज़ जैसे कागज जलते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दस्तावेज़ सरकारी अभिलेख हैं या कचरा। इसी अस्पष्टता को लेकर जनता में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

वायरल वीडियो ने विवाद को और हवा तब दी, जब यह जानकारी सामने आई कि घटना राजस्व परिषद सचिव के आगमन से ठीक कुछ घंटे पहले की है। लोगों का कहना है कि दौरे से पहले जांच या निरीक्षण से बचने के लिए दस्तावेज़ नष्ट किए जा सकते हैं, जबकि कुछ लोग इसे तहसील में व्याप्त अव्यवस्था से जोड़कर देख रहे हैं।
उधर, प्रशासनिक अधिकारी बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में जलाए जा रहे दस्तावेज़ सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि खराब फाइल कवर, बासी कागज और अन्य बेकार कचरा है, जिसे नियमित रूप से नष्ट किया जाता है। अधिकारियों ने दावा किया कि किसी भी तरह का संवेदनशील या महत्वपूर्ण रिकॉर्ड नहीं जलाया गया है।फिलहाल वीडियो की सत्यता और दस्तावेजों की प्रकृति को लेकर जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर के अंदर रात में इस तरह आग जलाए जाने की घटना अपने आप में संदेह पैदा करती है।प्रशासन अब इस मामले को लेकर सतर्क हो गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या जल्द ही कोई आधिकारिक जांच सामने आएगी या मामला सफाई के भरोसे ही दबा दिया जाएगा।
