Israel Immigration News- इजरायल सरकार ने रविवार को एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रहने वाले सभी 5800 यहूदियों को इजरायल लाने की योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह प्रक्रिया आने वाले पांच वर्षों में पूरी की जाएगी।इस योजना के तहत 1200 लोगों को बसाने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है। ये वे लोग हैं जिनके करीबी रिश्तेदार पहले से इजरायल में रह रहे हैं, जिसके चलते इन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। 2026 में इन्हें इजरायल में बसाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

यह समुदाय, जिसे आमतौर पर ‘बनई मेनाशे’ (Bnei Menashe) कहा जाता है, मणिपुर, मिजोरम और आसपास के क्षेत्रों में रहता है। 2005 में इजराइल के शीर्ष धार्मिक गुरु श्लोमो अमार ने इस समुदाय को यहूदी मूल से जुड़ी मान्यता प्रदान की थी। इस फैसले के बाद इन लोगों के लिए इजरायल में बसने का रास्ता और अधिक सुगम हो गया था।

फिलहाल इस समुदाय के लगभग 2500 लोग पहले से ही इजरायल में रह रहे हैं और इन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास में सहायता प्रदान की जा रही है। इजरायल सरकार का यह कदम न सिर्फ इन लोगों के लिए बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों के लिए भी बड़ा महत्व रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला एक सामरिक और सांस्कृतिक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत इजरायल अपने समुदायों को एकजुट करने और जनसंख्या संरचना को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।
भारत के पूर्वोत्तर में रहने वाले यहूदियों के लिए यह घोषणा बेहद बड़ी राहत और आशा लेकर आई है। इजरायल में पहले से बस चुके उनके परिजन भी इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं और परिवारों के एक साथ होने की उम्मीद जता रहे हैं।
