19 साल 7 महीने बाद जेल से रिहा हुआ दस्यु सरगना मंगली केवट, कहा– अब शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं

Mangali Kewat released, Chambal dacoit, Mangali Kewat gang, Mati district jail, Kanpur rural news, dacoit leader, Malti Kewat, lion of Chambal, Uttar Pradesh Crime News

रिपोर्ट – हिमांशु शर्मा / कानपुर देहात कानपुर देहात। कभी चंबल के बीहड़ों में दहशत का दूसरा नाम रहे दस्यु सरगना मंगली केवट को आज लंबी अवधि की सजा काटने के बाद माती जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।

image 265 1

90 के दशक में “चंबल का शेर” कहे जाने वाले मंगली केवट की रिहाई को लेकर उनके परिजनों और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर जमा रहे और बाहर आते ही फूल–मालाओं से उनका स्वागत किया गया।

image 263 2

रिहाई के बाद बदली भाषा— बोले, अब समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहता हूं

जेल से बाहर निकलते ही मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में बताया कि वह समाज की मुख्यधारा में लौटकर आगे बढ़ना चाहते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने राजनीति में किस्मत आजमाने की इच्छा भी व्यक्त की।

कैसे बना था गैंग? मंगली का दावा पुलिस प्रताड़ना ने बनाया बागी

मंगली केवट ने बताया कि 90 के दशक में पुलिस की कथित प्रताड़ना और कार्यशैली ने उन्हें बागी बनने पर मजबूर कर दिया। अपनी पत्नी दस्यु सुंदरी मालती केवट के साथ उन्होंने एक बड़ा गिरोह तैयार किया। इस गैंग में वही लोग शामिल थे जो पुलिस उत्पीड़न से परेशान बताए जाते थे।

image 264 3

उनके अनुसार, उनके गैंग को उस समय कुख्यात निर्भय गुर्जर गिरोह से भी सहयोग मिलता था। बीहड़ों में मुखबरी, अपहरण और फिरौती वसूली उनके गैंग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल थीं।

2006 में किया आत्मसमर्पण, तीन आजीवन कारावास की सजा

वर्ष 2006 में मंगली केवट और उनकी पत्नी मालती दोनों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने मंगली को तीन आजीवन कारावास और दस-दस वर्ष की तीन सजा सुनाई थी। लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान उनके अच्छे आचरण की वजह से प्रशासन उनकी प्रशंसा करता रहा।वहीं मालती केवट को भी आजीवन कारावास की सजा हुई थी, और उनकी रिहाई सितंबर 2025 में हो चुकी है।

जेल से बाहर अब नया अध्याय

आज रिहाई के बाद मंगली केवट ने कहा कि अब वह अपने परिवार के साथ रहकर, समाज में सम्मानजनक जीवन जीते हुए खुद को एक नई शुरुआत देना चाहते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *