कानपुर। जिले में भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल का बताया जा रहा है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया और यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

वीडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली
सूत्रों के अनुसार यह घटना कानपुर के विकास भवन कार्यालय की है, जहां वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए नजर आता है। वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुआ, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई।वहीं स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भ्रष्टाचार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।

आला अधिकारियों ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
वायरल वीडियो के बाद जिलास्तर पर बैठे अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।जांच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या होगी सख्त कार्रवाई या मामला ठंडे बस्ते में?
जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी कई अन्य मामलों की तरह सिर्फ जांच तक ही सीमित रह जाएगा।पहले भी कई मामलों में रिश्वतखोरी के वीडियो सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई अधूरी रह गई। ऐसे में लोग इस बार ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

विकास भवन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी उठा सवाल
इस घटना के सामने आने से कानपुर विकास भवन कार्यालय की कार्यशैली और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया कि विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन उन पर उचित कार्रवाई नहीं होती।
