BLASTS IN LAHORE: “ऑपरेशन सिंदूर” थरथराया पाकिस्तान, लाहौर में ड्रोन धमाके, आसमान में धुएं का गुबार

नई दिल्ली/लाहौर: भारत के सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान में खौफ का माहौल है. भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और POK (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकी ठिकानों पर किए गए एयरस्ट्राइक के बाद अब पाकिस्तान के लाहौर शहर में लगातार धमाकों (BLASTS IN LAHORE) की आवाजें सुनाई दे रही हैं. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, लाहौर के वॉल्टन रोड, गोपाल नगर और नसीराबाद में गुरुवार सुबह जोरदार धमाके हुए. इसके बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर ‘समा टीवी’ के अनुसार, वॉल्टन एयरपोर्ट के पास सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें आईं. सायरन बजने लगे और लोग घरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े. आसपास के इलाकों में धुएं के गुब्बार उठते देखे गए, जिससे यह आशंका और तेज हो गई कि धमाके आतंकी ठिकानों पर दूसरी कार्रवाई हो सकती है.
पुलिस सूत्रों की मानें तो वॉल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन ब्लास्ट हुआ है. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि भारतीय सेना की ओर से छोड़ा गया ड्रोन वहां क्रैश हुआ या फिर उसे पाकिस्तानी जैमिंग सिस्टम द्वारा गिरा दिया गया.
स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि लाहौर के अक्सारी-5 रोड और नेवल कॉलेज के पास भी दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई. यहां भी धुआं उठता देखा गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह इलाका भी टारगेट पर था या फिर ब्लास्ट से प्रभावित हुआ है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से नौ आतंकी ठिकाने तबाह
भारत ने 3 दिन पहले यानी मंगलवार देर रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और POK में नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना के इस संयुक्त ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालयों को निशाना बनाया गया. इन इलाकों में बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद शामिल हैं. खास बात यह रही कि बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया.
पीएम मोदी ने रखा “ऑपरेशन सिंदूर” नाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा. जानकारी के अनुसार, पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं. इस घटना से आहत होकर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका जवाब उसी की भाषा में दिया जाएगा.
रॉ की बड़ी भूमिका
भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) ने इस पूरे ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई. रॉ ने ही उन नौ आतंकी ठिकानों की पहचान की, जिन्हें बाद में एयरस्ट्राइक से तबाह किया गया. यह भारत की रणनीतिक खुफिया और सैन्य क्षमता का स्पष्ट उदाहरण है.
दहशत में पाकिस्तान!
एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान सरकार ने अब तक कोई ठोस बयान नहीं दिया है. लेकिन लाहौर में हुए धमाकों और ड्रोन ब्लास्ट के बाद वहां के नागरिकों में गहरा डर बैठ गया है. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी नागरिक सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर भारत की ओर से हो रही इन कार्रवाइयों को क्यों नहीं रोका जा सका.
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